पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक करीब 25 मिनट चली। बैठक के बाद सीएम मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की स्थिति और केंद्र से मांगी जा रही सहायता पर खुलकर बात की।
1600 करोड़ को बताया नाकाफी
सीएम मान ने केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए 1600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को नाकाफी करार दिया। उन्होंने इसे “ऊँट के मुँह में जीरा” बताया और कहा कि पंजाब को वास्तविक स्थिति को देखते हुए कहीं अधिक मदद की ज़रूरत है।
पंजाब में तबाही का मंजर
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल की बाढ़ ने पंजाब में भारी तबाही मचाई है। 2,300 से ज्यादा गाँव पूरी तरह डूब गए, जबकि 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। करीब 8,500 किलोमीटर लंबी सड़कें मलबे में बदल गईं और 3,200 स्कूल पूरी तरह से तबाह हो गए।
अब तक 60 लोगों की मौत
मान ने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक लगभग 60 लोगों की जान जा चुकी है। बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है क्योंकि उनकी किताबें और पाठ्य सामग्री पानी में बह गई। उन्होंने कहा कि अब तक हुए नुकसान का आकलन करीब 13,800 करोड़ रुपये लगाया गया है, और यह आँकड़ा 20,000 करोड़ तक पहुँच सकता है।
केंद्र से मांगी और मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा हर संकट में देश के साथ खड़ा रहा है, अब देश को भी पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री से साफ कहा कि 1600 करोड़ रुपये “समुद्र में एक बूँद” के बराबर हैं। इस पर अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि घोषित राशि केवल एक संकेतक थी और पंजाब को और मदद दी जाएगी।
पंजाब सरकार का संदेश
सीएम मान ने दोहराया कि यह कोई राजनीतिक श्रेय लेने का मुद्दा नहीं है बल्कि लोगों के जीवन और भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि केंद्र को पंजाब की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।
