पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यभर में मिनी बसों के 500 से अधिक परमिट वितरित किए हैं। इस अवसर पर आम लोगों और बस ऑपरेटरों ने सीएम का दिल से धन्यवाद किया। मansa जिले के एक बुजुर्ग ने बताया कि परमिट मिलने के बाद उनका परिवार अब सशक्त स्व-रोजगार के रास्ते पर आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि परमिट मिलने के लिए किसी प्रकार का पैसा खर्च नहीं करना पड़ा और इस सुविधा का लाभ उनके बेटे ने भी उठाया, जो कनाडा से लौट आया।
पहली बार सीएम ने आम लोगों के साथ संवाद किया
मिनी बस ऑपरेटर एसोसिएशन पंजाब के अध्यक्ष ने बताया कि पिछली सरकारों में मंत्री से मिलने का समय मिलना मुश्किल था, लेकिन आज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी।
परमिट से बढ़े रोजगार और आसान आवाजाही
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इन नए परमिटों से ड्राइवर, कंडक्टर और मैकेनिक सहित कई लोगों को रोजगार मिलेगा। पिंडों में रहने वाली महिलाओं और युवाओं को सुरक्षित और आसान आवाजाही मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने और सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है।
पुराने परमिटों का नवीनीकरण और सरकारी बसों की योजना
सरकार ने पुराने परमिटों को भी नवीनीकरण किया। इसके साथ ही सीएम ने घोषणा की कि भविष्य में राज्य में नई सरकारी बसें भी लाने की योजना है। इसका उद्देश्य गांवों और शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
बादल परिवार पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अकाली दल और बादल परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में उनकी निजी बसें पूरे पंजाब में चलती रहीं और आम लोगों को दरकिनार किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य युवाओं को नौकरी देने और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाने का है।
नौजवान पीढ़ी को मिलेगा बेहतर भविष्य
भगवंत मान ने कहा कि नए परमिटों से युवाओं को रोजगार मिलेगा और पिंडों में रहने वाले लोगों को शहरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण कई लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब आम लोगों और युवाओं के हित में काम किया जा रहा है।
आम जनता की खुशी और सरकारी प्रयास
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोग खुश नजर आए और उन्होंने कहा कि यह कदम आम जनता के लिए बेहद लाभकारी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आवाजाही भी सरल और सुरक्षित होगी।
