पंजाब सरकार ने महिला सशक्तिकरण और पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान के लिए एक खास पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान 13 अगस्त को लगभग 500 महिला पंच और सरपंचों को सचखंड तख्त श्री हजूर साहिब (महाराष्ट्र) के दर्शन के लिए रवाना करेंगे। इसके लिए सरहिंद रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
फतेहगढ़ साहिब में कार्यक्रम की शुरुआत
हलक़ा फतेहगढ़ साहिब के विधायक एडवोकेट लखबीर सिंह राय ने बताया कि मुख्यमंत्री सबसे पहले गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकेंगे। इसके बाद वे विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर महिला प्रतिनिधियों को रवाना करेंगे।
राज्य स्तरीय समारोह में बड़ा ऐलान
ट्रेन को रवाना करने के बाद, मुख्यमंत्री संगियाणा पैलेस, सरहिंद में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में लगभग 500 नए बने पंचायत घरों और साझा सेवा केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। ये केंद्र ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक और जनसेवा कार्यों को और आसान बनाएंगे।
महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और अध्ययन दौरा
यह यात्रा सिर्फ धार्मिक दर्शन के लिए नहीं है, बल्कि पंचायती राज संस्थाओं के कामकाज की जानकारी देने का भी उद्देश्य रखती है। महाराष्ट्र पहुंचने के बाद, महिला पंच और सरपंच पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कार्यों से जुड़ी ट्रेनिंग और अध्ययन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।
इस दौरान वे अन्य राज्यों में पंचायत व्यवस्था के काम करने के तरीके को भी समझेंगी, जिससे वे अपने गांवों में बेहतर कार्य कर सकें।
यात्रा का कार्यक्रम
- 13 अगस्त: सरहिंद रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन रवाना
- धार्मिक दर्शन: सचखंड तख्त श्री हजूर साहिब
- प्रशिक्षण कार्यक्रम: महाराष्ट्र में पंचायत कार्यप्रणाली पर अध्ययन
- 18 अगस्त: सभी महिला प्रतिनिधि वापस लौटेंगी
महिला नेताओं की प्रतिक्रिया
सरहंद की महिला पार्षद आशा रानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम महिला पंच और सरपंचों के आत्मविश्वास और सम्मान को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि इससे महिलाओं को न सिर्फ धार्मिक स्थल के दर्शन का अवसर मिलेगा, बल्कि वे प्रशासनिक ज्ञान भी हासिल करेंगी।”
पहल का महत्व
- महिला सशक्तिकरण: चुनी हुई महिला प्रतिनिधियों को सम्मान और पहचान देना।
- धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव: गुरु परंपरा और ऐतिहासिक स्थानों से संबंध मजबूत करना।
- प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि: पंचायत कार्यों की गहन समझ और अनुभव प्राप्त करना।
यह यात्रा महिलाओं के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक—तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। पंजाब सरकार चाहती है कि महिला पंच और सरपंच अपने अनुभवों से गांवों की प्रगति में और अधिक योगदान दे सकें।
