मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब वोट चोर से आगे बढ़कर राशन चोर भी बन गई है। मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत लाखों गरीबों के राशन कार्ड काट रही है।
32 लाख लोग होंगे प्रभावित
मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्र सरकार पंजाब में 8 लाख 2 हजार 994 राशन कार्ड रद्द कर रही है, जिससे करीब 32 लाख लोग मुफ्त राशन से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब सरकार किसी भी गरीब का हक नहीं छिनने देगी।
“निजी डेटा क्यों मांगा जा रहा है?”
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की योजनाओं के नाम पर जनता का निजी डेटा इकट्ठा कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया – “हमारी 1000 रुपये वाली स्कीम के लिए हम किसी महिला से आधार, पैन या राशन कार्ड नहीं मांगते। फिर भाजपा हर बार आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड क्यों मांगती है?”
“अजीब शर्तें लगाई जा रही हैं”
मान ने केंद्र सरकार के मापदंडों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के पास चार पहिया वाहन है, 25 लाख से अधिक का कारोबार है, ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन है या परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है, तो राशन कार्ड काटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सवाल किया – “अगर परिवार का एक भाई सरकारी नौकरी करता है और बाकी गांव में रहते हैं, तो क्या पूरा परिवार राशन से वंचित कर दिया जाएगा? यह तो गरीबों के साथ नाइंसाफी है।”
“जब तक मैं CM हूं, कोई राशन कार्ड नहीं कटेगा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक वह पंजाब के मुख्यमंत्री हैं, तब तक किसी भी परिवार का राशन कार्ड नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखी है और अपील की है कि पंजाब को कम से कम 6 महीने का समय दिया जाए ताकि राशन कार्डों की पूरी तरह से जांच हो सके।
लाभार्थियों की तस्दीक का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में पंजाब में 1 करोड़ 53 लाख लाभार्थियों को राशन दिया जा रहा है। इनमें से राज्य सरकार ने 1 करोड़ 29 लाख कार्डों की तस्दीक कर दी है। बाकी कार्डों की जांच की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य ने समय मांगा है, तो केंद्र बिना जांच पूरी किए कार्ड कैसे रद्द कर सकता है।
केंद्र पर सीधा निशाना
मान ने कहा कि भाजपा गरीबों को योजनाओं से बाहर करने का खेल खेल रही है। उन्होंने कहा – “कभी चूल्हा देते हैं, कभी घर बनाने की स्कीम लाते हैं और फिर कहते हैं कि आपके पास चूल्हा और घर है, इसलिए आप स्कीम के लिए योग्य नहीं हैं। यही तरीका अब राशन कार्ड पर भी अपनाया जा रहा है।”
