पंजाब सरकार की ‘सीएम दी योगशाला’ योजना अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य हर पंजाबी तक स्वास्थ्य और कल्याण की सुविधाएं पहुंचाना है। लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण इस योजना को लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
फिरोजपुर में बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे
फिरोजपुर जिले में हर दिन करीब 20,000 लोग योग सत्रों में भाग ले रहे हैं। सुबह के समय गांवों, पार्कों और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग योग करने पहुंच रहे हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग इस पहल से जुड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
83 प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक संभाल रहे जिम्मेदारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले में 83 प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। ये प्रशिक्षक विभिन्न गांवों, पार्कों और शहरी वार्डों में नियमित योग कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। योग सत्रों के दौरान लोगों को विभिन्न आसनों, प्राणायाम और स्वास्थ्य संबंधी अभ्यासों की जानकारी भी दी जाती है।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
‘सीएम दी योगशाला’ का मुख्य उद्देश्य लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है। नियमित योग से तनाव कम करने, शरीर को फिट रखने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। यही वजह है कि इस योजना में शामिल होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
