पंजाब की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि राज्य का विकास और युवाओं का भविष्य है। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार में शामिल होने के बजाय वे जापान और कोरिया गए, जहां विदेशी कंपनियों से बातचीत कर पंजाब में निवेश लाने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस दौरे का मकसद पंजाब में नए उद्योग स्थापित करना और बेटे-बेटियों के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाना था।
काम की राजनीति बनाम आरोपों की राजनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार “काम की राजनीति” के आधार पर चुनाव लड़ती है, न कि सिर्फ भाषणों और आरोपों के सहारे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में विकास, उद्योग, शिक्षा और रोज़गार ही उनकी असली पहचान है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनके पास जनता को देने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं होता, तब वे बेबुनियाद आरोप लगाने लगते हैं।
ब्लॉक समिति चुनावों में आंकड़े क्या कहते हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 2833 ज़ोन में हो रहे ब्लॉक समिति चुनावों में बड़ी संख्या में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें 340 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी से, 3 कांग्रेस से और 8 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह साफ दिखाता है कि विपक्ष को कई जगह उम्मीदवार तक नहीं मिले, इसी वजह से वे पहले से ही हार मान चुके हैं और बौखलाहट में बयान दे रहे हैं।
पारदर्शिता पर जोर, विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सभी चुनाव पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपनी अंदरूनी राजनीति और सौदेबाज़ी पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि जो लोग संवैधानिक पदों की कीमत लगाने की सोच रखते हैं, वे जनता की समस्याओं को कभी नहीं समझ सकते।
ज़िला परिषद चुनाव भी खुले और निष्पक्ष
मुख्यमंत्री के अनुसार ज़िला परिषद के 347 ज़ोन में सभी दलों के कुल 1396 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां भी चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सत्ता में रहते हुए पंजाब को नुकसान पहुंचाया, वही आज ईमानदार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है और सही फैसला करेगी।
