शुक्रवार को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मेटल्स ट्रेडिंग के दौरान चांदी ने अपने जीवनकाल का नया रिकॉर्ड छू लिया। मॉल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें 2,01,615 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं। हालांकि, इसके तुरंत बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई।
सिर्फ चार घंटे में चांदी में भारी गिरावट
विशेषज्ञों के अनुसार जैसे ही चांदी ने 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया, निवेशकों ने जल्दी मुनाफा लेने की कोशिश की। इसका असर चार घंटे के भीतर देखने को मिला। चांदी की कीमतें बेज़ार खुलने के बाद 1,92,851 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गईं। वहीं, एक समय कीमतें अपने उच्चतम स्तर से 11,538 रुपये तक गिरकर 1,90,077 रुपये पर पहुंच गईं।
वीरवार को चांदी 1,98,942 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, इसलिए शुक्रवार को सिर्फ एक दिन में करीब 6,091 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
सोने में भी मुनाफा वसूली का असर
चांदी की तरह ही सोने की कीमतों में भी मुनाफा वसूली देखी गई। शुक्रवार को सोने ने MCX पर 1,35,263 रुपये प्रति 10 ग्राम के जीवनकाल के उच्च स्तर को छुआ। हालांकि, बाद में कीमतें दबाव में आ गईं और बाजार बंद होने तक सोने की कीमत 1,33,622 रुपये रह गई। सत्र के दौरान सोने की कीमतें 3,000 रुपये गिरकर 1,32,275 रुपये तक भी पहुंच गईं।
वीरवार की तुलना में शुक्रवार को सोने में 1,153 रुपये की वृद्धि देखी गई। वहीं, चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर दोनों लेकर आया।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी और सोने में अचानक तेजी और गिरावट दोनों आम हैं। निवेशक मनोवैज्ञानिक स्तर और मुनाफा बुकिंग पर ध्यान दें। बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू और वैश्विक स्तर पर मांग, सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों से भी होता है।
