पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘सितारे ज़मीन ते’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा, मेहनत और संस्कारों का महत्व समझाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों से बातचीत करते हुए उन्होंने कई प्रेरणादायक और ऐतिहासिक उदाहरण साझा किए, जिन्होंने विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा खजाना
मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि उनके शिक्षक उन्हें शिक्षा का ऐसा खजाना दे रहे हैं, जो जीवन भर उनके साथ रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों का सम्मान करने और पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्कूल में मिलने वाली सीख और अनुशासन भविष्य की सफलता की मजबूत नींव बनाते हैं।
गुरु नानक देव जी और बाबा मरदाना जी की कहानी का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने धन-धन श्री गुरु नानक देव जी और बाबा मरदाना जी से जुड़ी एक भावुक और प्रेरणादायक घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महान व्यक्तियों के जीवन से मिलने वाली सीख आज भी समाज को सही दिशा दिखाती है और इंसानियत, सेवा तथा विनम्रता का संदेश देती है।
शहीदों की सोच से प्रेरणा लेने का संदेश
मुख्यमंत्री ने शहीद भगत सिंह और शहीद करतार सिंह सराभा के जीवन और उनकी क्रांतिकारी सोच का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में भी इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष किया। विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने की प्रेरणा दी गई।
उसैन बोल्ट की कहानी से समझाया मेहनत का महत्व
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विश्व चैंपियन धावक उसैन बोल्ट की सफलता की कहानी सुनाते हुए बताया कि कोई भी उपलब्धि लगातार अभ्यास और कड़ी मेहनत से ही हासिल होती है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर क्षेत्र में मेहनत सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बड़ों के सम्मान और आत्मविश्वास पर जोर
मुख्यमंत्री ने छात्रों को अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का आदर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी हैं।
