पंजाब सरकार ने अमेरिका में रह रहे पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को चिट्ठी लिखकर आग्रह किया है कि अमेरिका द्वारा वर्क वीज़ा रोकने के हालिया फैसले पर उच्च स्तर पर बातचीत शुरू की जाए।
फ्लोरिडा हादसे के बाद बड़ा कदम
हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में पंजाबी मूल के एक ट्रक ड्राइवर से जुड़ा दुखद हादसा हुआ था। इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने कमर्शियल ड्राइवरों को दिए जाने वाले वर्क वीज़ा पर रोक लगा दी। अचानक लिए गए इस कठोर फैसले ने लगभग 1.5 लाख पंजाबी ड्राइवरों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि हादसे की गंभीरता को हर कोई समझता है और न्याय भी होना चाहिए, लेकिन एक घटना को आधार बनाकर पूरे समुदाय पर रोक लगाना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी पर सीधा प्रहार है।
“अमेरिका की अर्थव्यवस्था में पंजाबी ड्राइवरों की अहम भूमिका”
मंत्री अरोड़ा ने अपने पत्र में लिखा कि दशकों से पंजाबी ड्राइवर अमेरिका की ट्रकिंग इंडस्ट्री और सप्लाई चेन की रीढ़ बने हुए हैं। उनकी मेहनत और अनुशासन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। इस तरह का ब्लैंकेट बैन (सभी पर रोक) न केवल ड्राइवरों के लिए हानिकारक है, बल्कि अमेरिका की परिवहन व्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “किसी एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पूरे समुदाय को देना न्यायसंगत नहीं है।”

केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें
संजीव अरोड़ा ने अपनी चिट्ठी में भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से तुरंत कार्रवाई की अपील करते हुए तीन बड़े कदम सुझाए –
- स्पष्टीकरण की मांग – विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर यह स्पष्ट करें कि वर्क वीज़ा पर रोक कितने समय के लिए और किन परिस्थितियों में लगाई गई है।
- न्याय की अपील – अमेरिका को यह समझाया जाए कि एक व्यक्ति की गलती का दोष पूरे समुदाय पर डालना गलत और अन्यायपूर्ण है।
- पारदर्शी प्रक्रिया – एक ऐसी व्यवस्था बने जिससे योग्य और ईमानदार भारतीय ड्राइवरों को वीज़ा जारी होते रहें और उनकी रोज़गार सुरक्षा बनी रहे।
प्रवासी समाज के साथ खड़ी पंजाब सरकार
संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार अपने प्रवासी भाइयों-बहनों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार का सक्रिय सहयोग और कूटनीतिक प्रयास ही इस संकट से राहत दिला सकता है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह कठोर निर्णय न केवल पंजाबी समुदाय बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
अमेरिका में ट्रकिंग इंडस्ट्री में पंजाबी ड्राइवरों का बड़ा योगदान है। उनका संघर्ष और मेहनत वहां की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। लेकिन फ्लोरिडा की एक घटना के बाद लिया गया वीज़ा रोकने का फैसला अब पूरे समुदाय को प्रभावित कर रहा है। पंजाब सरकार ने साफ संदेश दिया है कि वह अपने प्रवासी नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार से उम्मीद की जा रही है कि जल्द से जल्द इस मामले को अमेरिकी अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
यह पहल प्रवासी पंजाबी समाज को यह भरोसा दिलाती है कि उनकी मातृभूमि उनकी आवाज़ बनकर हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी है।
