बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात मोंथा बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मोंथा अब “सामान्य चक्रवाती तूफान” में बदल गया है और यह आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच से गुजरते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 20 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 50 किलोमीटर और काकीनाडा से लगभग 90 किलोमीटर दूर था। मोंथा की रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रही। इस दौरान तटीय इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश होती रही। मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा की गतिविधियों पर मछलीपट्टनम और विशाखापट्टनम के डॉपलर रडार से लगातार नजर रखी जा रही है।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, कृष्णा, पश्चिमी गोदावरी और पूर्वी गोदावरी जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई है। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें आई हैं। कुछ निचले इलाकों में पानी भर गया है और प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। मछलीपट्टनम, नरसापुर और काकीनाडा में लगभग 15 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। नेल्लोर जिले में 36 घंटे से लगातार बारिश जारी है। कोनसीमा जिले में पेड़ गिरने की घटना में एक महिला की मौत हो गई है। राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
रात का कर्फ्यू और यात्रा पर रोक
राज्य सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 जिलों — कृष्णा, एलुरु, काकीनाडा, पश्चिमी गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, कोनसीमा और अल्लूरी सीतारामा राजू — में रात 8:30 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू किया है। इस दौरान सामान्य वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण के आदेश जारी किए गए हैं।
हवाई और रेल सेवाएं प्रभावित
मोंथा के असर से हवाई और रेल परिवहन पर बड़ा असर पड़ा है। विशाखापट्टनम हवाई अड्डे से 32, विजयवाड़ा से 16 और तिरुपति से 4 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण मध्य रेलवे ने 120 से अधिक ट्रेनें अस्थायी रूप से रद्द की हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF की 45 टीमें मैदान में उतर चुकी हैं, जबकि बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने के लिए मरम्मत दल सक्रिय हैं।
ओडिशा में रेड अलर्ट जारी
मोंथा का असर अब ओडिशा में भी दिखाई दे रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 8 दक्षिणी जिलों में 2000 से अधिक राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं। अब तक 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि 30 हजार लोगों को हटाने की तैयारी जारी है। ओडिशा सरकार ने नौ जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश दिया है।
IMD की चेतावनी
मौसम विभाग ने मलकानगिरी, रायगड़ा, कोरापुट, गजपति और गंजम जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि पुरी, खुर्दा, कंधमाल और नयागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भारी बारिश की येलो चेतावनी दी गई है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आपात समीक्षा बैठक कर रेलवे की तैयारियों का जायजा लिया और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।मोंथा तूफान की तीव्रता कम जरूर हुई है, लेकिन इसके बाद भी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अगले कुछ घंटों तक सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
