मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और दिनभर बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा। रिलायंस, HDFC बैंक, ट्रेंट और इंफोसिस जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ी नजर आई। इसका असर यह रहा कि कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 15 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 15 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं एनएसई निफ्टी 71.60 अंक या 0.27 प्रतिशत टूटकर 26,178.70 पर बंद हुआ। हालांकि बैंकिंग शेयरों में थोड़ी मजबूती देखने को मिली, जिससे बैंक निफ्टी 74.20 अंक चढ़कर 60,118.40 पर बंद हुआ।
रुपये में हल्की मजबूती
शेयर बाजार की गिरावट के बावजूद करेंसी मार्केट से राहत की खबर आई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे मजबूत होकर 90.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे आयातकों और निवेशकों को थोड़ी राहत मिली।
दिग्गज कंपनियों पर बिकवाली का दबाव
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इसके शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, इटरनल, HDFC बैंक और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, ICICI बैंक, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये हरे निशान पर बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती
जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव रहा, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल आधार पर ऑयल एंड गैस, केमिकल्स और FMCG सेक्टर में गिरावट रही। वहीं मेटल, फार्मा, हेल्थ, बैंकिंग और IT सेक्टर के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साउथ कोरिया का KOSPI, जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग हरे निशान पर बंद हुए। वहीं अमेरिकी बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल और निवेशकों का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.24 प्रतिशत गिरकर 61.61 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।
स्टॉक मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) नेट सेलर रहे और उन्होंने 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,764.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।
