पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाल ही में सामने आए नकल मामले पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इस पूरे नेटवर्क में पंजाब के बाहर के लोगों की भी भूमिका हो सकती है। मंत्री ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली से खरीदे गए खास मोबाइल फोन
हरजोत बैंस के अनुसार, इस गिरोह में बेहद पतले और छोटे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि ये मोबाइल फोन दिल्ली से खरीदे गए थे। इन उपकरणों को इस तरह तैयार किया गया था कि उन्हें आसानी से कपड़ों, पगड़ी और यहां तक कि अंदरूनी वस्त्रों में भी छिपाया जा सके। उन्होंने कहा कि इनकी बनावट इतनी बारीक थी कि सामान्य जांच में इन्हें पहचानना मुश्किल था।
छोटे-छोटे उपकरणों ने बढ़ाई चुनौती
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मोबाइल के साथ इस्तेमाल किए गए कुछ उपकरण इतने सूक्ष्म थे कि उन्हें निकालने के लिए सर्जिकल उपकरणों की जरूरत पड़ी। उनका कहना था कि यह कोई साधारण नकल का तरीका नहीं था, बल्कि पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी। इससे जांच एजेंसियों को भी तकनीकी स्तर पर काफी सतर्क रहना पड़ा।
हरियाणा कनेक्शन और जांच की मांग
हरजोत बैंस ने दावा किया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड हरियाणा के भिवानी से जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मोबाइल फोन दिल्ली से आए और मुख्य आरोपी हरियाणा से जुड़ा बताया जा रहा है, तो क्या इसे केवल नकल का मामला माना जाए या फिर इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए। उन्होंने हरियाणा में पिछले वर्षों में हुई परीक्षाओं की भी जांच कराने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी साधा निशाना
शिक्षा मंत्री ने हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अपने राज्य की व्यवस्था मजबूत करने के बजाय वहां के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब का एक कम रैंक वाला शहर भी हरियाणा के शिक्षा में नंबर-1 बताए जाने वाले शहर से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
