दिल्ली में होने वाले एमसीडी (MCD) उपचुनाव 2025 की तैयारियाँ अब तेज़ हो गई हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने हर वार्ड में स्थानीय और लोकप्रिय चेहरों को मौका देते हुए एक बार फिर “काम की राजनीति” को चुनावी मुद्दा बनाया है।
AAP ने 12 वार्डों के लिए उम्मीदवार किए घोषित
आम आदमी पार्टी ने एमसीडी उपचुनाव में राजधानी के अलग-अलग वार्डों से अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक —
- दक्षिणपुरी – राम स्वरूप कनौजिया
- संगम विहार A – अनुज शर्मा
- ग्रेटर कैलाश – ईशना गुप्ता
- विनोद नगर – गीता रावत
- शालीमार बाग B – बबीता अहलावत
- अशोक विहार – सीमा विकास गोयल
- चांदनी चौक – हर्ष शर्मा
- चांदनी महल – मुद्दसिर उस्मान कुरैशी
- द्वारका B – राजबाला सहरावत
- मुंडका – अनिल लाकड़ा
- नारायणा – राजन अरोड़ा
- दिचौं कलां – केशव चौहान
इन उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने युवाओं, महिलाओं और समाजसेवा से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी है।
केजरीवाल बोले — “काम बोलेगा, वादे नहीं”
AAP नेताओं का कहना है कि दिल्ली की जनता ने पिछले 10 सालों में “काम की राजनीति” देखी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टी का मकसद दिल्ली को साफ, सुरक्षित और सुंदर बनाना है। उन्होंने कहा, “हम झूठे वादों पर नहीं, किए गए कामों पर चुनाव लड़ते हैं। दिल्ली में स्कूल, मोहल्ला क्लिनिक और सफाई व्यवस्था में जो सुधार हुआ है, वही हमारा असली प्रचार है।”
महिलाओं और युवाओं को मिला बड़ा मौका
इस लिस्ट में कई महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर AAP ने फिर से यह संदेश दिया है कि पार्टी महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना चाहती है। ईशना गुप्ता, बबीता अहलावत, सीमा विकास गोयल, गीता रावत और राजबाला सहरावत जैसे नाम पार्टी की “महिला सशक्तिकरण” की नीति को मजबूत बनाते हैं।
कब होंगे MCD उपचुनाव?
दिल्ली नगर निगम की 12 सीटों पर उपचुनाव 30 नवंबर 2025 को होंगे। नामांकन की प्रक्रिया 3 नवंबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 10 नवंबर तक पर्चा दाखिल कर सकते हैं। चुनाव के बाद 3 दिसंबर को मतगणना होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे।
क्या है इन उपचुनावों का महत्व?
MCD की ये 12 सीटें दिल्ली की राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। AAP इन सीटों पर जीत दर्ज कर नगर निगम में अपनी पकड़ और मज़बूत करना चाहती है। पार्टी का कहना है कि जनता अब विकास चाहती है, न कि वादों और आरोपों की राजनीति।
इन उपचुनावों के जरिए एक बार फिर यह तय होगा कि दिल्ली की जनता “काम की राजनीति” के साथ है या नहीं।
AAP का दावा है कि वह जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी और एमसीडी में फिर से झाड़ू चलाएगी।
