दिल्ली और एनसीआर में सर्दियों के साथ-साथ ज़हरीला प्रदूषण भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। हवा में मौजूद धुएं और धूल ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है और कई जगहों पर यह 400 से भी ऊपर पहुंच चुका है। इस प्रदूषण भरी हवा की वजह से लोगों की आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
राजधानी के कई इलाकों में AQI रेड जोन में है, यानी ऐसी हवा जिसे सांस के साथ शरीर में लेना बेहद खतरनाक माना जाता है। बवाना और वज़ीरपुर जैसे क्षेत्रों में AQI 436 तक दर्ज किया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को बताता है। इसके अलावा जहांगीरपुरी, विवेक विहार, रोहिणी, चांदनी चौक और ITO जैसे कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बहुत ख़राब है और AQI लगातार 420 के आसपास बना हुआ है। आनंद विहार, अलीपुर, नरेला और द्वारका जैसे इलाकों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं।
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहर भी प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हैं। गाज़ियाबाद में AQI 428, नोएडा में 400 और गुरुग्राम में 311 के आसपास दर्ज किया गया है। एक गैर-सरकारी वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI आज 517 तक पहुँच गया है, जिसे बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है।
कुछ और इलाकों में AQI 300 से 400 के बीच है, जो “बहुत खराब” श्रेणी मानी जाती है। पटनपड़गंज, ओखला फेज़ 2, आरके पुरम और सिरीफोर्ट के आसपास भी लोग इस प्रदूषण की वजह से परेशानी झेल रहे हैं। इन जगहों पर हवा इतनी दूषित है कि लंबा समय बाहर बिताना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रैप (GRAP) यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू किया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर सख्ती, डीज़ल जेनरेटरों पर पाबंदी और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसी व्यवस्थाएँ शामिल हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर नियमों के पालन की तस्वीर कुछ और ही है। शहर के कई हिस्सों में अब भी कूड़ा जलाया जा रहा है और निर्माण सामग्री खुले में पड़ी मिलती है, जिससे प्रदूषण और बढ़ता जा रहा है।
ऐसे माहौल में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दमा या अन्य सांस की समस्याओं से ग्रसित लोगों को बाहर जाने से बचने की अपील की गई है। घर से बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली में सर्दी भी तेजी से बढ़ रही है। आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम 25 डिग्री रहने की उम्मीद है। सोमवार से तापमान और नीचे जा सकता है, और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच सकता है।
प्रदूषण और ठंड का यह संयोजन लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हवा में सुधार नहीं आता, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
