पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों ने कुलपति (Vice Chancellor) से मुलाकात कर अपनी कई अहम मांगें रखीं।
बैठक के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हाल ही में दर्ज किए गए मामलों को लेकर नाराज़गी जताई और मांग की कि सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं।
उनका कहना था कि जब तक चुनाव नहीं हो जाते, तब तक किसी भी छात्र पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
जल्द जारी हो सकता है सीनट चुनाव का शेड्यूल
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसीडेंट अशमीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी सभी मांगें कुलपति के सामने रखीं।
वीसी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सीनेट चुनावों का शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा।
अशमीत सिंह का कहना है कि जब तक चुनावों की तारीखों का ऐलान नहीं होता,
छात्र संगठन अपना मोर्चा जारी रखेंगे और यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव बनाए रखेंगे।
छात्रों ने यह भी मांग रखी कि उन्हें लिखित रूप में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए।
छात्रों का कहना — ‘वीसी पर कुछ भी नहीं थोपा जाना चाहिए’
बैठक में मौजूद छात्र नेताओं का कहना था कि यूनिवर्सिटी के कुलपति पर
किसी भी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
उनका मानना है कि कुलपति को छात्रों की राय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
फैसलों की समीक्षा की भी रखी मांग
एस.एफ.एस. (SFS) छात्र संगठन के नेता संदीप सिंह ने कहा कि
वीसी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि एक या दो दिनों में चुनाव शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नई सीनेट नहीं बन जाती,
कुलपति को रूटीन मामलों के अलावा कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए।
छात्रों ने यह भी मांग की कि सीनेट को लेकर जितने भी छात्रों पर केस दर्ज किए गए हैं,
उन्हें तुरंत रद्द किया जाए और पुराने सभी विवादों की समीक्षा की जाए।
वीसी ने दिया भरोसा, छात्रों में उम्मीद की लहर
बैठक के बाद छात्रों में संतोष का माहौल देखने को मिला।
वीसी ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी जायज़ मांगों पर विचार किया जाएगा।
अब सबकी निगाहें पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हैं,
जहां से आने वाले कुछ दिनों में सीनेट चुनावों की तारीखों की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
