हरियाणा की रोहतक स्थित सुनेरिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। इस बार उसे 40 दिनों की पैरोल दी गई है। मंगलवार सुबह राम रहीम जेल से निकलकर सीधे सिरसा डेरा के लिए रवाना हो गया। यह 14वीं बार है जब वह पैरोल या फरलो के जरिए जेल से बाहर आया है।
सिरसा पहुंचते ही जारी किया वीडियो संदेश
सिरसा डेरा पहुंचते ही राम रहीम ने अपने अनुयायियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उसने कहा, “आप दर्शन के लिए आए हो, आप हमेशा हमारी बात मानते हो, इसलिए folded hands करके बिनती है कि जैसे आपको गाइड किया जाए, उसी अनुसार सेवा करनी है। आप सभी को धन्यवाद और बधाई।”
बलात्कार और हत्या के मामले में काट रहा है सजा
गौरतलब है कि राम रहीम दो साध्वियों के साथ बलात्कार और दोहरे हत्या मामले में दोषी ठहराया गया है और 20 साल की सजा काट रहा है। उसे इससे पहले भी कई बार फरलो और पैरोल पर बाहर आने की अनुमति मिल चुकी है। पिछली बार वह 9 अप्रैल 2025 को 21 दिनों की फरलो पर जेल से बाहर आया था और सिरसा डेरा में ही रुका था।
जनमदिन पर बाहर आने की तैयारी, लेकिन भीड़ की इजाजत नहीं
सूत्रों के अनुसार, इस बार राम रहीम 15 अगस्त को अपना 58वां जन्मदिन मनाने के लिए बाहर आया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से उसे डेरा परिसर में भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद वह वर्चुअल माध्यम से अपने अनुयायियों से संवाद कर सकेगा।
पेड़ लगाने के नाम पर मांगी पैरोल
राम रहीम का जन्मदिन हर साल लाखों पौधे लगाकर मनाया जाता है। इसी वजह से राम रहीम ने इस बार भी पैरोल के लिए आवेदन दिया था। बताया जा रहा है कि उसके पास इस साल की 40 दिन की बची हुई पैरोल थी, जिसे अब मंज़ूरी मिल गई है। डेरा प्रशासन का दावा है कि इस अवसर पर पर्यावरण बचाने की मुहिम को आगे बढ़ाया जाएगा।
राजनीतिक चर्चाएं भी तेज़
राम रहीम के बार-बार पैरोल पर बाहर आने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा एक बार फिर तेज़ हो गई है। विपक्षी दल इसे कानून व्यवस्था और सत्ता पक्ष के कथित समर्थन से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का तर्क है कि यह कानूनी प्रक्रिया के तहत दी गई छूट है।
नज़र रहेगी डेरा की गतिविधियों पर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डेरा प्रमुख के बाहर रहने के दौरान हर गतिविधि पर निगरानी रखी जाएगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिरसा में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
