पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने आज जंगलात विभाग और शिक्षा विभाग की विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों का आयोजन पंजाब सिविल सचिवालय में किया गया।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी रहे उपस्थित
शिक्षा विभाग से संबंधित यूनियनों के साथ हुई बैठक में स्वयं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यूनियनों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनना और उनके उचित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना था।
यूनियनों ने अपनी मांगों को रखा सामने
मीटिंग के दौरान जंगलात कर्मचारी यूनियन, ई.टी.टी. टेस्ट पास अध्यापक संघ (जैसिंह वाला), री-भर्ती कच्चे अध्यापक यूनियन, और बेरोजगार बीएड टीईटी पास अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को विस्तारपूर्वक सरकार के सामने रखा। यूनियनों ने नौकरी की स्थिरता, नियुक्ति प्रक्रिया, वेतनमान और रिक्त पदों की पूर्ति जैसे मुद्दों पर सरकार से समाधान की मांग की।
जंगलात विभाग के सचिव ने सरकार को दी जानकारी
जंगलात विभाग के कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को लेकर हुई बैठक में विभाग के सचिव प्रियांक भारती ने सरकार को यूनियनों की प्रमुख मांगों और समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विभाग इन मुद्दों पर पहले से ही विचार कर रहा है।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सब-कमेटी ने दिए निर्देश
बैठकों के बाद कैबिनेट सब-कमेटी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे यूनियनों की प्रमुख मांगों को लेकर अधिकारियों की एक कमेटी में गहन विचार करें और फिर उसका एक प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट सब-कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करें। इस दिशा में सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का भरोसा भी जताया गया।
मांगों पर जल्द होगा सकारात्मक निर्णय
शिक्षा विभाग की यूनियनों के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री ने यूनियन नेताओं को आश्वस्त किया कि अधिकांश मांगों पर पहले से ही विचार चल रहा है और सभी जायज़ मांगों का जल्द समाधान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सभी विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और सुरक्षा प्रदान करना है।
सरकार और यूनियनों के बीच संवाद बना रहेगा
इस पहल से यह साफ है कि पंजाब सरकार सरकारी कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकालना चाहती है। आने वाले समय में भी सरकार और यूनियनों के बीच ऐसी बैठकें जारी रहेंगी ताकि कर्मचारियों को समय पर राहत मिल सके।
