धनतेरस 2025 पर भारत के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी की रिकॉर्ड कीमतों के बावजूद खरीदारों का उत्साह चरम पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में 65 प्रतिशत और चांदी में 81 प्रतिशत वृद्धि के चलते बिक्री सुस्त होने की संभावना थी, लेकिन परिणाम इसके उलट रहे। इस बार की खरीद में मात्रा में तो स्थिरता रही, लेकिन मूल्य में 25 प्रतिशत से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया।
देशभर में बिक्री का आंकड़ा
कारोबार संगठन CAIT के अनुसार, इस धनतेरस पर देशभर में लगभग ₹60,000 करोड़ का सोना और चांदी बिकी, जो पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। कुल मिलाकर भारतीय उपभोक्ताओं ने इस पर्व पर लगभग ₹1 लाख करोड़ की खरीदारी की।
सोने के सिक्कों की बढ़ी मांग
इस साल उपभोक्ताओं ने सोने और चांदी के सिक्कों को प्राथमिकता दी। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती कीमतों और गहनों पर भारी मेकिंग चार्ज से बचने के लिए लोग सिक्कों की ओर रुके। मुंबई के जेवर बाजार से लेकर देश के कई हिस्सों में 24 कैरेट, 10 ग्राम सोने के सिक्कों की खरीद के लिए लंबी कतारें देखने को मिली। प्रत्येक सिक्के की कीमत लगभग ₹1.40 लाख थी।
हल्के और आधुनिक गहनों की पसंद
गहनों की खरीद में इस बार हल्के और आधुनिक डिजाइनों की मांग रही। 22 और 18 कैरेट के हल्के गहनों की बिक्री बढ़ी, जबकि युवा ग्राहकों ने 9 और 14 कैरेट के किफायती विकल्पों को भी पसंद किया।
सोना अब निवेश का माध्यम
कामा ज्वैलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने बताया कि कई ग्राहक पहले अपनी खरीदारी टाल रहे थे, इस उम्मीद में कि कीमतें घट सकती हैं। लेकिन जब कीमतों में गिरावट नहीं आई और आर्थिक संकेत मजबूत दिखे, तो खरीदार निवेश के लिए बाजार में आए। उन्होंने कहा, “अब सोना और चांदी केवल पारंपरिक खरीदारी नहीं बल्कि एक रणनीतिक निवेश बन गया है।”
बाजार में भीड़ और उत्साह
धनतेरस पर देशभर के सर्राफा बाजारों में भारी भीड़ रही। लोग न सिर्फ सोना और चांदी, बल्कि अन्य कीमती वस्तुओं की खरीद के लिए भी उत्साहित थे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे यह निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बन सकता है।
