दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत श्रद्धा और गरिमा के साथ हुई। इस अवसर पर विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें संगत ने गुरु साहिब के पावन शब्दों का श्रवण कर आत्मिक शांति का अनुभव किया।
एक महीने तक चलेंगे श्रद्धा के कार्यक्रम
इन आयोजनों की श्रृंखला पूरे एक महीने तक जारी रहेगी। देश और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की संभावना है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी की अद्वितीय शहादत और मानवता के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संदेश में कहा कि सिख धर्म की मूल भावना मानवता की सेवा और मानव अधिकारों की रक्षा में निहित है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरु साहिबानों ने समाज में समानता, शांति और भाईचारे की परंपराएं स्थापित कीं, जिन पर आज भी पूरा समाज गर्व करता है।
मान ने कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने न सिर्फ धर्म की रक्षा की, बल्कि मानवता के मूल्यों को भी नई दिशा दी।”
विशेष बजट और अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस पवित्र अवसर को पूरे आदर के साथ मनाने के लिए विशेष बजट निर्धारित किया है। साथ ही, दुनिया भर की प्रमुख हस्तियों को इन आयोजनों में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा गया है।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य गुरु साहिब द्वारा दिए गए त्याग, सेवा और नम्रता के संदेश को विश्वभर तक पहुँचाना है।”
आनंदपुर साहिब में भी होंगे कार्यक्रम
भगवंत मान ने सभी श्रद्धालुओं से श्री आनंदपुर साहिब आने और इन पवित्र आयोजनों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “गुरु साहिब जी के दिखाए रास्ते पर चलकर ही हम समाज में सच्ची एकता और मानवता स्थापित कर सकते हैं।”
