पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने फिल्लौर स्थित 134 साल पुरानी महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस सेवाओं को आधुनिक और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘सांझ सिटिजन पोर्टल’ का शुभारंभ किया।
नागरिकों को मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं
DGP ने बताया कि ‘सांझ सिटिजन पोर्टल’ नागरिक-केंद्रित और तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पोर्टल के माध्यम से आधार आधारित eKYC, QR कोड से सत्यापित प्रमाण पत्र, पेपरलेस वेरिफिकेशन और कई अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को पुलिस संबंधी सेवाएं लेने में आसानी होगी और प्रक्रियाएं अधिक तेज तथा पारदर्शी बनेंगी।
महिला पुलिसकर्मियों को मिले 93 ई-स्कूटर
कार्यक्रम के दौरान महिला मित्र और महिला हेल्प डेस्क में तैनात महिला पुलिसकर्मियों के लिए 93 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अधिकारियों के अनुसार इससे महिला पुलिसकर्मियों की आवाजाही आसान होगी और वे जरूरतमंद लोगों तक तेजी से पहुंच सकेंगी।
कम्युनिटी पुलिसिंग को मिलेगा बल
पंजाब पुलिस राज्य में कम्युनिटी पुलिसिंग को और मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसके तहत युवा सांझ, स्टूडेंट पुलिस कैडेट स्कीम, जागृति अभियान, महिला हेल्प डेस्क और सांझ राहत केंद्र जैसी विभिन्न पहलें पहले से चलाई जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
आधुनिक और पारदर्शी पुलिसिंग पर फोकस
गौरव यादव ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस सेवाओं को अधिक कुशल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक संसाधनों की मदद से लोगों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है।
‘हक तुहाडा, फर्ज साडा’ के सिद्धांत पर काम
DGP ने कहा कि पंजाब पुलिस अपने मूल सिद्धांत “हक तुहाडा, फर्ज साडा” यानी “अधिकार आपका, कर्तव्य हमारा” के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास को मजबूत बनाने के लिए विभाग लगातार नई पहलें करता रहेगा।
