वर्ष 2025 पंजाब के प्रशासनिक इतिहास में बड़े डिजिटल परिवर्तन के रूप में दर्ज किया गया है। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ रही। नागरिक-केंद्रित सेवाएं सीधे लोगों की दहलीज तक पहुंचाई जा रही हैं। पारदर्शिता, सुगमता, ईमानदारी और तेज़ सेवा वितरण ने पंजाब के प्रशासन को एक नया रूप दिया है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
ई-सेवा पोर्टल से लाखों आवेदनों का निपटारा
पंजाब के सुशासन, प्रशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पटवारियों को ई-सेवा पोर्टल पर ऑन-बोर्ड करने के बाद अब तक 12.46 लाख से अधिक आवेदनों का ऑनलाइन निपटारा किया जा चुका है। इससे न सिर्फ लोगों का समय बचा है, बल्कि सिफारिश और देरी की पुरानी व्यवस्था पर भी रोक लगी है। यह डिजिटल प्रणाली प्रशासन में सम्मान और विश्वास को मजबूत कर रही है।
‘भगवंत मान सरकार, तुहाड़े द्वार’ योजना
सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘भगवंत मान सरकार, तुहाड़े द्वार’ के तहत 1.85 लाख से अधिक नागरिकों को उनके घर पर ही सरकारी सेवाएं दी गई हैं। अब लोग हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके 437 से अधिक नागरिक-केंद्रित सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना बताती है कि सरकार अब खुद लोगों तक पहुंच रही है।
चुने हुए प्रतिनिधियों को मिली अहम भूमिका
एक अनोखी पहल के तहत पंजाब में सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसलरों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए ऑनलाइन सत्यापन का अधिकार दिया गया है। इससे लालफीताशाही कम हुई है और लोगों को दस्तावेजों की तसदीक के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों में जाने से छुटकारा मिला है। इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों के सम्मान को बहाल करना है।
क्यूआर कोड और डिजिटल सर्टिफिकेट
अब पंजाब में डिजिटल हस्ताक्षर वाले क्यूआर-कोडेड प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं, जो सीधे आवेदक के मोबाइल फोन पर भेजे जाते हैं। इन्हें कभी भी, कहीं भी प्रिंट किया जा सकता है। इससे हेराफेरी की संभावना लगभग खत्म हो गई है और पूरी प्रक्रिया ज्यादा आसान बन गई है।
रियल-टाइम डैशबोर्ड से निगरानी
सुशासन प्रशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी विभागीय सेवाओं की निगरानी के लिए रियल-टाइम डैशबोर्ड लागू किया है। इसके जरिए एक साल में सर्विस पेंडेंसी घटकर सिर्फ 0.33 प्रतिशत रह गई है। इस बड़ी डिजिटल उपलब्धि के लिए पंजाब को राजस्थान में टेक्नोलॉजी सभा कॉन्फ्रेंस में पहला पुरस्कार भी मिला।
कैंपों के जरिए सेवाएं गांव-कस्बों तक
‘आप दी सरकार, आप दे द्वार’ योजना के तहत प्रदेशभर में 11,151 कैंप लगाए गए। इन कैंपों में 52,380 शिकायतों का समाधान किया गया और गांवों व कस्बों में 5.10 लाख से अधिक सेवाएं दी गईं। इससे तकनीक को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिली।
भविष्य की दिशा
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य 100 प्रतिशत कागजरहित, संपर्क-रहित और सुचारू सेवा प्रणाली लागू करना है। वर्ष 2025 को पंजाब में प्रशासनिक डिजिटल क्रांति के रूप में याद किया जाएगा, जब शासन लोगों से दूर नहीं बल्कि उनके पास पहुंचकर काम करता नजर आया।
