वैश्विक स्तर पर व्यापारिक सौदों और टैरिफ को लेकर जारी तनाव का सीधा असर इक्विटी बाजार और कीमती धातुओं पर पड़ रहा है। निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है।
लगातार दूसरे दिन सोने की कीमत में गिरावट
1 अगस्त को लगातार दूसरे दिन घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत गिरकर ₹98,380 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जबकि इससे पिछले सत्र में यह ₹98,087 पर बंद हुई थी।
चांदी की कीमत में भी गिरावट का सिलसिला जारी
वहीं चांदी की कीमत में भी 0.23 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह लगभग ₹1,09,714 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बुधवार को यह ₹1,09,972 प्रति किलो पर बंद हुई थी। इससे यह साफ़ है कि कीमती धातुओं में निवेश करने वाले निवेशक अब सतर्क हो गए हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
वीरवार को सोने में ₹500 की बड़ी गिरावट
वीरवार के दिन सोने की कीमतों में ₹500 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे यह ₹98,020 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। रुपये की मजबूती ने भी घरेलू बाज़ार में कीमती धातुओं की कीमतों पर असर डाला है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती ने निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया है।
दिल्ली में भी कीमतों में आई कमी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सोने की कीमत में गिरावट देखी गई। यहां 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹400 की गिरावट के साथ ₹97,800 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। जबकि पिछले सत्र में यह ₹98,200 पर बंद हुआ था। इसके अलावा 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बुधवार को ₹98,520 पर बंद हुआ था।
चांदी में ₹2,000 प्रति किलो की गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। वीरवार को चांदी ₹2,000 गिरकर ₹1,12,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। बीते कुछ दिनों में चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
निवेशकों को बरतनी होगी सतर्कता
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों और डॉलर की मजबूती को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल समझकर ही कोई बड़ा निवेश करें।
