राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने श्री दरबार साहिब, अमृतसर के आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक भीड़ पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखते हुए श्री दरबार साहिब की ओर जाने वाली सड़कों और ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने के लिए एक परिवर्तनशील बुनियादी ढांचे (transformative infrastructure) की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
राज्यसभा में उठाया पंजाब के स्मार्ट सिटी मिशन का मुद्दा
डॉ. साहनी ने राज्यसभा में पंजाब में स्मार्ट सिटी मिशन की प्रगति को लेकर एक सवाल भी पूछा। इसके जवाब में शहरी मामलों के राज्यमंत्री ने बताया कि पंजाब से अमृतसर, जालंधर और लुधियाना को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया है। हालांकि, डॉ. साहनी ने यह मांग भी दोहराई कि मोहाली और पटियाला जैसे उभरते हुए शहरों को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
स्मार्ट सिटी में भी नहीं दिख रहा “स्मार्ट” विकास: डॉ. साहनी
सांसद डॉ. साहनी ने कहा कि जो शहर स्मार्ट सिटी के तहत चुने गए हैं, वहां धरातल पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने ट्रैफिक जाम, गंदगी, और कचरा प्रबंधन की खराब स्थिति जैसे मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान खींचा और सवाल उठाया कि इन शहरों को “स्मार्ट” कैसे कहा जा सकता है?
एमआरटीएस, अंडरग्राउंड टनल और मल्टीलेवल पार्किंग की पेशकश
डॉ. साहनी ने सुझाव दिया कि अमृतसर के पुराने शहर से श्री हरमंदिर साहिब तक यातायात को सरल बनाने के लिए मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस), ई-वाहनों के लिए अंडरग्राउंड टनल और शहर के एंट्री पॉइंट्स पर मल्टी-लेवल पार्किंग स्ट्रक्चर की योजना बनाई जानी चाहिए। इससे ना सिर्फ ट्रैफिक का समाधान होगा बल्कि यह स्मार्ट मोबिलिटी और विरासत संरक्षण का आदर्श मॉडल भी बन सकता है।
1.5 लाख श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब सिख धर्म का आध्यात्मिक केंद्र है, जहां हर दिन करीब 1.5 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, आराम और सुविधा सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील की।
इस प्रकार डॉ. साहनी का यह प्रस्ताव अमृतसर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और शहर का बुनियादी ढांचा आधुनिक हो सकेगा।
