केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने जालंधर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में ई-पासपोर्ट सेवा की शुरुआत कर दी है। इस सेवा का मई की शुरुआत में पायलट ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा। इसके बाद से लोगों को ई-पासपोर्ट जारी किए जाने लगे हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी ने दी जानकारी
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशपाल ने बताया कि ई-पासपोर्ट को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय का यह कदम बेहद सराहनीय है, क्योंकि इससे पासपोर्ट प्रक्रिया आसान और तेज़ हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब आवेदनकर्ताओं को अपॉइंटमेंट के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ता। कई आवेदकों को अगले ही दिन की अपॉइंटमेंट मिल रही है।
क्या है ई-पासपोर्ट?
ई-पासपोर्ट, भारत सरकार की पासपोर्ट सेवा का डिजिटल संस्करण है। इसमें एक कॉन्टैक्टलेस चिप लगी होती है, जिसमें धारक के बायोमेट्रिक और अन्य जरूरी डाटा सुरक्षित रहते हैं। यह तकनीक एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज़ और आसान बनाती है।
आवेदन कैसे करें?
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ई-फॉर्म भरकर पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी। प्रक्रिया के तहत दस्तावेज़ों की जांच और पुलिस वेरिफिकेशन भी शामिल रहेगा।
ई-पासपोर्ट के फायदे
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तेज़ इमिग्रेशन प्रक्रिया: चिप में मौजूद डाटा की वजह से अधिकारियों को पन्ने पलटने की ज़रूरत नहीं होती। पासपोर्ट को स्कैन कर तुरंत जानकारी मिल जाती है।
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बेहतर सुरक्षा: चिप में स्टोर जानकारी पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहती है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना बेहद कम हो जाती है।
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स्मार्ट प्रोसेसिंग: पुलिस वेरिफिकेशन का समय अब घट गया है क्योंकि पासपोर्ट पुलिस ऐप के ज़रिए पूरी प्रक्रिया तेज़ी से की जा रही है।
लोगों को बड़ी राहत
ई-पासपोर्ट सेवा से जालंधर और आसपास के जिलों के आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें लंबी कतारों और लंबे इंतजार से छुटकारा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पासपोर्ट सेवाओं में पारदर्शिता और भरोसेमंद प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।
