पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस आज, 6 अगस्त 2025 को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने जा रहे हैं। यह मामला गुरु तेग बहादुर जी की शहादत शताब्दी से जुड़े एक धार्मिक कार्यक्रम में हुई एक विवादित घटना के बाद सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले दिनों श्रीनगर में एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ था, जिसे पंजाब भाषा विभाग ने आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में मशहूर पंजाबी गायक बीर सिंह ने शिरकत की। शुरुआत में कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और श्रद्धापूर्ण था, लेकिन समापन के दौरान बीर सिंह ने मंच पर नाच-गाना किया, और दर्शकों को भी मंच पर बुलाकर नचाया।
इस पूरे दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। यह कार्यक्रम गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित था, ऐसे में इस तरह की हरकत को सिख मर्यादा के खिलाफ माना गया।
क्या हुआ फिर?
- वीडियो सामने आने के बाद सिख संस्थाओं और श्री अकाल तख्त साहिब ने तुरंत संज्ञान लिया।
- गायक बीर सिंह ने माफी मांगी, वीडियो डिलीट किया और जत्थेदार साहिब के सामने पेश भी हुए।
- भाषा विभाग के निदेशक ने भी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
अब शिक्षा मंत्री क्यों पेश हो रहे हैं?
चूंकि यह कार्यक्रम सरकारी स्तर पर भाषा विभाग द्वारा आयोजित किया गया था, इसलिए इसमें मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने नोटिस जारी किया और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ग्यानी कुलदीप सिंह गुड़गज्ज ने शिक्षा मंत्री को खुद बुलावा भेजा।
मंत्री ने क्या कहा?
हरजोत सिंह बैंस ने कहा:
“मेरा तन, मन और रोम-रोम श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है। मैं बिना किसी अहंकार के पूरी श्रद्धा से पेश हो रहा हूं।”
उनका यह बयान दिखाता है कि वे इस मामले को पूरी गंभीरता और सम्मान से ले रहे हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब की सिख परंपरा में सबसे ऊंची धार्मिक संस्था होने के कारण, यह पेशी बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब देखना होगा कि जत्थेदार साहिब इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
यह मामला सभी कलाकारों और अधिकारियों को याद दिलाता है कि धार्मिक आयोजनों में गरिमा और सिख मर्यादा का पालन अनिवार्य है।
