पंजाब इस समय बाढ़ और भारी बारिश की मार झेल रहा है। हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और लाखों परिवार प्रभावित हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जो फिलहाल मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में स्वास्थ्य इलाज करवा रहे हैं, ने राज्यवासियों को आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार हर नागरिक की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अस्पताल से ही बैठक
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचार के दौरान ही एक अहम बैठक की। इस बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डीजीपी गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मकसद बाढ़ से जुड़े हालात की समीक्षा करना और आगे की रणनीति तय करना था।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कोई भी नागरिक राहत और बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष ध्यान उन लोगों पर दिया जाए जो बाढ़ के पानी से कटे हुए इलाकों में फंसे हैं। उनके लिए समय पर भोजन, दवाइयाँ और जरूरी सहायता पहुँचाई जाए।
राहत कार्यों की स्थिति
मुख्य सचिव ने बैठक के बाद जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की तबीयत में सुधार हो रहा है और एक-दो दिनों में उनके घर लौटने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान बाढ़ पीड़ितों पर है।
आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के 23 जिलों के 2050 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में अब तक करीब 3,87,898 लोग बेघर हो चुके हैं, जबकि कुल मिलाकर 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने अब तक 22,938 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। इसके साथ ही 219 राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें 5404 लोग रह रहे हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
फसल और जान-माल का नुकसान
मुख्य सचिव ने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक 1,76,980 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
सबसे दुखद पहलू यह है कि अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। सरकार ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया है कि उन्हें हर संभव आर्थिक और सामाजिक मदद दी जाएगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राहत और बचाव कार्य लगातार तेज़ी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी परिवार अपने आप को अकेला न समझे, सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी वादा किया कि टूटे हुए घरों के पुनर्निर्माण से लेकर कृषि नुकसान की भरपाई तक हर ज़रूरी कदम उठाया जाएगा।
हालांकि मुख्यमंत्री स्वयं अस्पताल में स्वास्थ्य इलाज करवा रहे हैं, लेकिन उनका ध्यान पूरी तरह से बाढ़ प्रभावितों की मदद पर केंद्रित है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है और ज़मीनी स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। पंजाब की जनता को उम्मीद है कि सरकार के इन प्रयासों से हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।
