दीवाली के बाद मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों के मुनाफा वसूली के रुझान और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के चलते दिल्ली और अमृतसर दोनों जगहों पर कीमती धातुओं के भाव में कमी आई है।
दिल्ली में सोने का भाव
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए लगभग ₹1,02,243 के भाव पर कारोबार कर रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोना थोड़ा सस्ता है और यह करीब ₹93,700 प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। पिछले हफ्ते दिवाली और धनतेरस के दौरान बाजार में भारी खरीदारी देखने को मिली थी, जिसके बाद अब कीमतों में मामूली गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में मांग तो मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी के कारण स्थानीय बाजार में भी इसका असर देखा जा रहा है।
दिल्ली में चांदी सस्ती हुई
चांदी के दाम में भी आज गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में प्रति ग्राम चांदी का भाव लगभग ₹171.90 है, जबकि प्रति किलोग्राम कीमत ₹1,71,900 के करीब पहुंच गई है। बीते सप्ताह चांदी ₹1.80 लाख प्रति किलो के ऊपर चली गई थी, लेकिन अब उसमें करीब ₹8,000 की गिरावट देखी जा रही है।
अमृतसर में सोना हुआ महंगा लेकिन स्थिर
पंजाब के अमृतसर में सोने के दाम दिल्ली से कुछ अधिक हैं। यहां 24 कैरेट सोना करीब ₹12,720 प्रति ग्राम यानी ₹1,27,200 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोना लगभग ₹11,660 प्रति ग्राम पर बना हुआ है। स्थानीय ज्वैलर्स का कहना है कि त्योहारी सीजन के बाद अब ग्राहकों की भीड़ कुछ कम हुई है, लेकिन शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने के कारण अगले कुछ हफ्तों में मांग फिर बढ़ सकती है।
अमृतसर में चांदी के भाव
अमृतसर में चांदी आज लगभग ₹184.80 प्रति ग्राम यानी ₹1,84,800 प्रति किलो के भाव पर दर्ज की गई है। यह दिल्ली की तुलना में थोड़ी महंगी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पंजाब में आभूषणों की स्थानीय मांग और परिवहन लागत के कारण चांदी के दाम यहां कुछ अधिक रहते हैं।
क्यों घट रहे हैं दाम?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट आई है। इसके असर से भारत में भी भाव नीचे आए हैं। हालांकि दीर्घकाल में सोने को अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, इसलिए निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि दीवाली और विवाह सीजन के बाद सोना-चांदी खरीदने का यह सही समय हो सकता है। अभी कीमतें थोड़ी नीचे हैं, और आगे चलकर इनमें दोबारा बढ़ोतरी संभव है। ऐसे में निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं ताकि औसत कीमत कम रहे।
भारत में सोना और चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं, बल्कि इसे शुभता और स्थिर निवेश का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इनकी कीमतों पर सभी की नज़र बनी रहती है — और आज भी, त्योहार के बाद, इनकी चमक बरकरार है।
