वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान बुधवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 9,837 श्रद्धालुओं का नया जत्था पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा जत्था है। श्रद्धालुओं में 7,004 पुरुष, 2,810 महिलाएं, 21 बच्चे और 2 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। “बम बम भोले”, “हर हर महादेव” और “जय बर्फानी बाबा की” के जयकारों के बीच श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
बालटाल और पहलगाम मार्ग से आगे बढ़े श्रद्धालु
अधिकारियों ने बताया कि 173 वाहनों में सवार 4,480 श्रद्धालु मध्य कश्मीर के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए, जबकि 188 वाहनों में 5,354 श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर के पहलगाम मार्ग की ओर भेजे गए। दोनों मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार यात्रा की निगरानी कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।
44 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके कश्मीर
2 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के बाद से अब तक 44,666 श्रद्धालु जम्मू के आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं, 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में अब तक 1.15 लाख से अधिक श्रद्धालु प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद प्रशासन यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में जुटा हुआ है।
57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती, स्वास्थ्य सुविधाएं, आपदा राहत दल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और पंजीकरण के बाद ही यात्रा करने की अपील की है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।
