पंजाब इस समय बाढ़ की बड़ी मार झेल रहा है। राज्य के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि अब तक 15 जिलों के 3.87 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मानसा, मोगा और पटियाला जिलों में पिछले 24 घंटों में 3 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 51 हो गई है।
फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान
मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 1.84 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें नष्ट हो चुकी हैं। खेतों में धान और कपास जैसी प्रमुख फसलें पानी में डूब गई हैं। घरों, पशुधन और अन्य संपत्तियों के नुकसान का आकलन अभी जारी है। जैसे-जैसे पानी घटेगा, असली तस्वीर और साफ होगी।
राहत और बचाव कार्य जारी
अब तक 23,015 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। पिछले 24 घंटों में 77 और लोगों को बाहर लाया गया। फिलहाल राज्य में 123 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें करीब 5,400 लोग ठहरे हुए हैं।
राहत कार्यों में सेना के लगभग 30 हेलीकॉप्टर, बीएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में सूखा राशन, पानी, दवाइयाँ और जरूरी सामान चौबीसों घंटे भेजा जा रहा है।
जिलों की स्थिति एक नजर में
- अमृतसर: 196 गाँव प्रभावित, 1.36 लाख लोग प्रभावित, 7 मौतें, 27 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद।
- गुरदासपुर: 329 गाँव जलमग्न, 1.45 लाख लोग प्रभावित, 2 मौतें, 40 हजार हेक्टेयर फसल सबसे ज्यादा प्रभावित।
- फिरोजपुर: 108 गाँव डूबे, 38 हजार लोग प्रभावित, 2 मौतें, 17 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद।
- फाजिल्का: 86 गाँव प्रभावित, 25 हजार लोग प्रभावित, 2 मौतें, 19 हजार हेक्टेयर फसल डूबी।
- होशियारपुर: 208 गाँव प्रभावित, 2,760 लोग प्रभावित, 7 मौतें, 8,300 हेक्टेयर फसल नष्ट।
- जालंधर: 93 गाँव प्रभावित, 1,970 लोग प्रभावित, कोई जनहानि नहीं, 4,800 हेक्टेयर फसल का नुकसान।
- कपूरथला: 145 गाँवों में पानी घुसा, 5,728 लोग प्रभावित, 17,500 हेक्टेयर फसलें डूबीं।
- लुधियाना: 85 गाँव प्रभावित, 4 मौतें, 72 हेक्टेयर फसल डूबी।
- मानसा: 95 गाँव प्रभावित, 4 मौतें, 12,200 हेक्टेयर फसलें नष्ट।
- मोगा: 52 गाँव प्रभावित, 1 मौत, 2,240 हेक्टेयर फसल प्रभावित।
- पठानकोट: 88 गाँव प्रभावित, 15,503 लोग प्रभावित, 6 मौतें, 2,442 हेक्टेयर फसलें नष्ट।
- पटियाला: 109 गाँव प्रभावित, 2 मौतें, 10,420 हेक्टेयर फसल बर्बाद।
- रूपनगर: 58 गाँव प्रभावित, 2 मौतें, 1,080 हेक्टेयर फसलें डूबीं।
- बरनाला: 121 गाँव प्रभावित, 5 मौतें, 46 राहत शिविर सक्रिय।
अन्य जिलों जैसे संगरूर, एसएएस नगर, मलेरकोटला, मुक्तसर और तरन तारन में भी बाढ़ ने कई गाँवों को प्रभावित किया है और हजारों हेक्टेयर फसलें तबाह हो चुकी हैं।
पंजाब में बाढ़ ने आम जनजीवन और खेती दोनों को गहरी चोट पहुँचाई है। लाखों लोग प्रभावित हैं, हजारों हेक्टेयर फसलें चौपट हो गई हैं और अब तक 51 लोगों की जान जा चुकी है। राहत और बचाव का काम तेज़ी से जारी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
