पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने चार साहिबजादों की शहादत को समर्पित एक बड़ा कदम उठाया है। बैंस ने घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूलों में तीन दिवसीय विशेष शैक्षिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य छात्रों को सिख इतिहास, साहस और बलिदान की महान परंपरा से अवगत कराना है।
22 से 24 दिसंबर तक चलेगा अभियान
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 22, 23 और 24 दिसंबर को पंजाब के सभी सरकारी, प्राइवेट और एडेड स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान 15 मिनट का विशेष सत्र होगा।
इस सत्र में छात्रों को गुरु गोबिंद सिंह जी के चार बहादुर साहिबजादों —
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बाबा अजीत सिंह
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बाबा जुझार सिंह
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बाबा जोरावर सिंह
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बाबा फतेह सिंह
—की अमर शहादत और उनके अद्वितीय साहस की कहानियाँ सुनाई जाएँगी।
SGPC से प्रमाणित सामग्री होगी इस्तेमाल
बैंस ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन विशेष सत्रों में इस्तेमाल की जाने वाली सभी शैक्षिक सामग्री SGPC (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति) से प्रमाणित होनी चाहिए, ताकि इतिहास की पवित्रता बरकरार रहे और किसी भी तरह की त्रुटि या गलत प्रस्तुति न हो।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य बच्चों को सही, सम्मानजनक और प्रेरक जानकारी उपलब्ध कराना है।
बोर्ड हेडक्वार्टर में कीर्तन दरबार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय में भी 22 से 24 दिसंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं—
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स्कूली छात्रों द्वारा कीर्तन दरबार (शाम 4 बजे से 6 बजे तक)
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शहीदों को नमन करने वाले धार्मिक और ऐतिहासिक समारोह
इन कार्यक्रमों में छात्रों को साहिबजादों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और बलिदान की मिसालें बताई जाएंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास और विरासत को गर्व से पहचान सकें।
“नई पीढ़ी को सही इतिहास से जोड़ना ज़रूरी” — बैंस
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि चार साहिबजादे सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए साहस और बलिदान का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्यों, धर्म के प्रति सम्मान और साहसिक सोच को विकसित करेंगे।
पंजाब सरकार की अनूठी पहल
यह पहली बार है जब पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में एकसाथ तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल युग में जहाँ बच्चे किताबों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपने इतिहास के असली नायकों से जोड़ते हैं और सकारात्मक दिशा देते हैं।
