हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक बार फिर से पहाड़ का कहर देखने को मिला है। आनी विकास खंड की निरमंड पंचायत के तहत आने वाले शर्मानी गांव में मंगलवार (9 सितंबर) की सुबह करीब 2 बजे अचानक भूस्खलन हो गया। इस हादसे ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया।
भूस्खलन से तबाही, चार की मौत और कई लापता
ग्राम पंचायत प्रधान भोगा राम ने घटना की पुष्टि की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भूस्खलन में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई है। वहीं, एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। गांव के लोग सहमे हुए हैं और हर कोई सुरक्षित स्थान की तलाश में है।
मलबे में दबे लोग, जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसा देर रात हुआ, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक हुए भूस्खलन के बाद कई लोग मलबे में दब गए। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। घायल लोगों को निरमंड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अब भी पांच लोगों की तलाश जारी है।
प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और सतर्क रहें। पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने जताया शोक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा,
“निरमंड की घाटू पंचायत में भूस्खलन से शर्मानी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत और अन्य के घायल होने का समाचार बेहद दुखद है। यह पीड़ा असहनीय है। इस कठिन समय में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।”
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार (9 सितंबर) को कांगड़ा, शिमला और चंबा में हल्की बारिश हो सकती है। अगले चार से पांच दिन तक मौसम का यही हाल रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा गया है।
चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग आंशिक रूप से बहाल
प्राकृतिक आपदाओं के बीच राहत की खबर यह है कि चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे को सोमवार (8 सितंबर) से छोटी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है। अगस्त में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते यह मार्ग बंद हो गया था। सोमवार को सब्जियों और राशन से भरी गाड़ियां यहां से गुजारी गईं। प्रशासन का कहना है कि अगले दो दिन में यह सड़क भारी वाहनों के लिए भी खोल दी जाएगी।
लगातार चुनौतियों से जूझ रहा हिमाचल
लगातार बारिश और भूस्खलनों ने हिमाचल प्रदेश में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शर्मानी गांव की घटना ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए और सख्त रणनीतियों की जरूरत है।
