भारत ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर अन्मोल बिश्नोई को आखिरकार अमेरिका से डिपोर्ट करवा लिया है। बुधवार (19 नवंबर 2025) को वह भारत पहुंचा, जहां दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। जल्द ही उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अन्मोल बिश्नोई, कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का छोटा भाई है और उस पर कई बड़े मामलों की साजिश रचने के आरोप हैं। विशेष रूप से पूर्व मंत्री और NCP नेता बाबा सिद्दीकी के हत्याकांड में वह प्रमुख मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके साथ डिपोर्ट किए गए 200 लोगों में से दो पंजाब के निवासी भी शामिल हैं।
अमेरिका ने क्यों भेजा वापस?
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अन्मोल को डिपोर्ट करने का फैसला तब लिया जब उसकी शरण (Asylum) की अर्जी को खारिज कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिपोर्टेशन की जानकारी बबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को भी ईमेल के ज़रिए दी गई।
NIA पहले से ही उसके खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की तैयारी कर रही थी और अब उसके भारत पहुंचने के बाद एजेंसी उससे कई अहम राज़ उगलवाने की कोशिश करेगी।
कई हाई-प्रोफाइल मामलों में वांछित
अन्मोल बिश्नोई का नाम कई बड़े आपराधिक मामलों से जुड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख हैं—
सिद्धू मूसेवाला हत्या केस (2022)
अन्मोल इस केस में मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। आरोप है कि उसने हत्यारों को हथियार, वाहन और पूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करवाई थी। उसकी वापसी से जांच एजेंसियों को इस मामले में नए खुलासों की उम्मीद है।
बाबा सिद्दीकी का हत्याकांड (अक्टूबर 2024)
जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटर्स अन्मोल के सीधा संपर्क में थे और उसी ने इस पूरे प्लान को आगे बढ़ाया।
सलमान खान के घर पर फायरिंग (2024)
मुंबई स्थित अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग में भी अन्मोल की भूमिका की जांच हो रही है। चार्जशीट के अनुसार, उसने शूटरों को इस हमले के लिए उकसाया था और इसे “इतिहास बनाने” जैसा बताया था।
18 मामलों में मोस्ट वॉन्टेड
अन्मोल बिश्नोई भारत में कुल 18 मामलों में वांछित है। पिछले वर्ष उसे अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से दाखिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने उसे अपनी मोस्ट वॉन्टेड सूची में डाल रखा था और उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इसके अलावा, इंटरपोल भी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका था।
अब डिपोर्टेशन के बाद, माना जा रहा है कि NIA उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी और कई महत्वपूर्ण मामलों में नई प्रगति संभव हो सकती है।
