सप्ताह की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए बड़ी खबर लेकर आई है। सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। खासकर चांदी की कीमत में बड़ी कमी देखने को मिली, जबकि सोना भी पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले सस्ता हो गया। लगातार ऊंचे दामों के बाद आई इस गिरावट से ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कमजोरी और निवेशकों की बदली रणनीति का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट
सोमवार को चांदी की कीमत में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में करीब 5,400 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी देखने को मिली। इसके बाद चांदी का कारोबार लगभग 2.17 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली बढ़ने और निवेशकों के सुरक्षित निवेश से दूरी बनाने के कारण चांदी पर दबाव बना है।
सोने के दाम भी फिसले
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने के वायदा भाव में एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई। खुदरा बाजार में भी 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम पहले के मुकाबले कम हुए हैं। इससे शादी-ब्याह के सीजन या निवेश के लिए सोना खरीदने वालों के लिए बेहतर अवसर माना जा रहा है।
गिरावट की क्या है वजह?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी आशंकाओं ने सोने-चांदी के बाजार पर दबाव बनाया है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। ऐसे माहौल में बिना ब्याज मिलने वाली संपत्तियों जैसे सोना और चांदी में निवेश कुछ कमजोर पड़ जाता है, जिसका असर कीमतों पर दिखाई देता है।
खरीदारों और निवेशकों की नजर बाजार पर
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही रुख बना रहता है तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, कई निवेशक इस गिरावट को खरीदारी का अच्छा मौका मान रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश या खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर जांच लें, क्योंकि अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
