भारतीय वायदा बाजार यानी MCX में बुधवार, 12 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़त देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में करीब 1% तक की तेजी रही। बाजार में मजबूत वैश्विक संकेत और हाजिर बाजार में अच्छी मांग को इस बढ़त की बड़ी वजह माना जा रहा है।
सोने का भाव ₹1.54 लाख के पार
सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 0.61% बढ़कर ₹1,54,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.89% की तेजी के साथ ₹2,37,749 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1% चढ़कर 4,474 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास पहुंच गया।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार
बाजार की नजर अब अमेरिका के Consumer Price Index यानी CPI के आंकड़ों पर है। ये आंकड़े अमेरिकी महंगाई की तस्वीर साफ करेंगे और इससे यह संकेत मिल सकता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है। महंगाई अगर उम्मीद से ज्यादा रहती है तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंता बढ़ सकती है, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता
सोने और चांदी की कीमतों को मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से भी सहारा मिल रहा है। क्षेत्रीय तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 1% ऊपर जाकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ शर्तों पर सहमति बनने तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने की बात कही है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका इस जलमार्ग पर नियंत्रण में है।
महंगा तेल बढ़ा सकता है महंगाई का दबाव
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी से दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे माहौल में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखने या आगे सख्त रुख अपनाने पर विचार कर सकते हैं। आम तौर पर ज्यादा ब्याज दरें सोने के लिए दबाव वाली स्थिति बनाती हैं, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। यही वजह है कि CPI के आंकड़े आने तक सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
सोने के लिए ₹1.55 लाख का स्तर अहम
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक MCX पर अक्टूबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में आगे ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर देखने को मिल सकता है। वहीं ₹1,52,500 को महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। अगर कीमत इस स्तर से ऊपर बनी रहती है तो गिरावट पर खरीदारी की रणनीति मजबूत रह सकती है। इसके बाद ₹1,56,000 एक अहम रेजिस्टेंस है और इसके ऊपर मजबूती मिलने पर कीमत ₹1,58,600 तक जाने की संभावना बताई गई है।
अब सोने-चांदी के बाजार की दिशा तय करने में अमेरिकी CPI आंकड़े, डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मिडिल ईस्ट की स्थिति अहम भूमिका निभाएंगे। तेल की कीमतों में लगातार तेजी और भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है, लेकिन अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी ला सकती हैं।
