1 अप्रैल 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला। जहां सोने की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। नए महीने की शुरुआत के साथ ही निवेशकों की नजरें इन कीमती धातुओं पर टिकी हुई हैं।
सोने की कीमतों में तेजी
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोने के दाम में उछाल आया है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। सोने की कीमतों में यह तेजी वैश्विक बाजार के संकेतों और डॉलर की स्थिति के कारण आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने से सोने की मांग बढ़ती है, जिससे कीमतों में उछाल आता है।
चांदी के दाम में गिरावट
जहां सोना महंगा हुआ है, वहीं चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। इसका कारण उद्योगों में मांग का कमजोर होना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बताया जा रहा है। चांदी का उपयोग कई औद्योगिक क्षेत्रों में होता है, इसलिए इसकी कीमतें मांग के अनुसार बदलती रहती हैं।
IBJA रेट क्यों होते हैं खास
भारत में सोने और चांदी के जो रेट IBJA जारी करता है, उन्हें बेंचमार्क माना जाता है। ये दरें देशभर में सोने के व्यापार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। बैंक, वित्तीय संस्थान और ज्वेलर्स इन्हीं दरों के आधार पर अपने दाम तय करते हैं।
मार्च में उतार-चढ़ाव के बाद नई उम्मीद
मार्च 2026 के दौरान सोना और चांदी दोनों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। कभी कीमतें बढ़ीं तो कभी गिरावट आई। लेकिन अप्रैल की शुरुआत में सोने की कीमतों में आई तेजी से निवेशकों को नई उम्मीद मिली है कि आगे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
कीमतों पर असर डालने वाले कारण
सोने और चांदी की कीमतें कई कारणों से प्रभावित होती हैं, जैसे वैश्विक बाजार की स्थिति, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और महंगाई। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों पर असर पड़ता है, वहीं आर्थिक अस्थिरता के समय लोग सोने में निवेश बढ़ा देते हैं, जिससे इसके दाम बढ़ जाते हैं..
