मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोना हाल ही में तीन महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद थोड़ा नरम हुआ, जबकि चांदी में भी दबाव दिखाई दिया। निवेशकों की नजर इस समय अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड से जुड़े संकेतों पर बनी हुई है।
MCX पर सोने में मजबूती, चांदी फिसली
घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर मंगलवार को सोने में बढ़त रही। दूसरी ओर, नवंबर सिल्वर फ्यूचर्स करीब ₹2,52,757 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले स्तर से ₹1,257 यानी 0.50% नीचे था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर करीब 1% से ज्यादा गिरकर लगभग 68 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,650 डॉलर के ऊपर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,650 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना रहा। COMEX गोल्ड फ्यूचर्स सुबह के कारोबार में करीब 4,696 डॉलर प्रति औंस के आसपास था। पिछले दिनों सोने की कीमतों में तेजी के पीछे अमेरिकी वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता, डॉलर में कमजोरी और निवेश मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों का असर
सोने की आगे की दिशा पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों का असर रहेगा। इसके अलावा अमेरिका-ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार के लिए अहम बने हुए हैं। आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों से भी सोने-चांदी की चाल प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों की नजर महंगाई और फेड के संकेतों पर
बाजार में यह उम्मीद बनी हुई है कि आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े ब्याज दरों को लेकर तस्वीर को और साफ कर सकते हैं। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव डालती हैं, जिससे नियमित ब्याज नहीं मिलता। वहीं आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग मजबूत हो सकती है।
चांदी में पिछले दिनों की तेजी पर ब्रेक
चांदी ने हाल के दिनों में मजबूत प्रदर्शन किया था, लेकिन 25 अगस्त को मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया। Moneycontrol के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो रहा।
नोट: शहर और ज्वेलर के अनुसार सोने के खुदरा भाव में अंतर हो सकता है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क अलग से जुड़ सकते हैं।
