आज 19 मई 2026 को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। एक तरफ सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की नजर आज पूरे दिन बाजार पर बनी रही।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर जून डिलीवरी वाला सोना करीब 0.17 फीसदी की बढ़त के साथ 1,59,674 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार में सोना 1,59,899 रुपये तक पहुंच गया था। सोमवार की तुलना में आज सोने में थोड़ी मजबूती देखने को मिली है।
चांदी में मुनाफावसूली से आई गिरावट
जहां सोना मजबूत हुआ, वहीं चांदी की कीमतों में आज गिरावट दर्ज की गई। MCX पर जुलाई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी करीब 0.65 फीसदी टूट गई। इसका मतलब है कि चांदी की कीमत में लगभग 1800 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली।
आज चांदी का भाव 2,75,824 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,76,651 रुपये पर बंद हुई थी। बाजार जानकारों का कहना है कि हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे चांदी के दाम नीचे आए।
देश के बड़े शहरों में आज का सोना-चांदी भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के रेट में हल्का अंतर देखने को मिला। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,59,440 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,73,270 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,710 रुपये रहा, जबकि चांदी 2,73,740 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। चेन्नई में सोना सबसे महंगा नजर आया, जहां 24 कैरेट गोल्ड 1,60,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब कारोबार कर रहा है।
हैदराबाद और बेंगलुरु में भी सोने के दाम 1.59 लाख रुपये के आसपास बने हुए हैं। वहीं लखनऊ, पुणे और केरल में सोने के दाम कुछ कम देखने को मिले।
क्यों बढ़ रहा है सोने का आकर्षण?
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच निवेशक लगातार सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे समय में सोना हमेशा से सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता है। यही वजह है कि लंबे समय से सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी सोने की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है। कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों का अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक सोना नया रिकॉर्ड बना सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
बाजार विशेषज्ञों की राय है कि सोने में एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय “बाय ऑन डिप्स” यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है।
