भारत में सोने की कीमतों में शनिवार, 10 जनवरी को लगातार दूसरे दिन उछाल देखने को मिला। सोना एक बार फिर अपने रिकॉर्ड हाई लेवल के करीब पहुंच गया है। 24 कैरेट सोने की कीमत में जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है। मकर संक्रांति, पोंगल और माघा बिहू जैसे बड़े त्योहार नजदीक हैं, ऐसे में खरीदार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने वाले दिनों में कीमतें और न बढ़ जाएं।
आज कितनी है सोने की कीमत?
शनिवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए 1,150 रुपये बढ़कर 1,40,460 रुपये पर पहुंच गई। वहीं 100 ग्राम सोना 11,500 रुपये महंगा होकर 14,04,600 रुपये का हो गया।
अगर प्रति ग्राम की बात करें, तो 24 कैरेट सोने की कीमत 14,046 रुपये रही, जिसमें 115 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
22 कैरेट सोने की कीमत भी तेजी के साथ बढ़ी। 10 ग्राम 22 कैरेट सोना 1,28,750 रुपये और 100 ग्राम 12,87,500 रुपये में बिका। इस कैटेगरी में प्रति ग्राम कीमत 12,875 रुपये रही।
इसके अलावा 18 कैरेट सोना भी महंगा हुआ। 10 ग्राम 18 कैरेट सोने की कीमत 1,05,340 रुपये और 100 ग्राम की कीमत 10,53,400 रुपये दर्ज की गई। जनवरी महीने में अब तक सोने की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
चांदी की कीमतों में भी उछाल
दो दिनों की गिरावट के बाद अब चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली है। 10 जनवरी को 1 किलो चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये रही, जिसमें एक ही दिन में 11,000 रुपये की तेजी आई।
100 ग्राम चांदी 2,600 रुपये और 10 ग्राम चांदी 26,000 रुपये में बिक रही है। जनवरी महीने में अब तक चांदी की कीमतों में 9.2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय वजहों से बढ़ा दबाव
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखाई दे रहा है। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट कायनात चैनवाला के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की बात कह चुके हैं। इससे अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ रही है।
आगे क्या और महंगा होगा सोना-चांदी?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोना और चांदी सेफ-हेवन निवेश के तौर पर और मजबूत हो सकते हैं। आने वाले समय में सोना 1,25,000 से 1,42,000 रुपये और चांदी 2,32,000 से 2,55,000 रुपये के स्तर पर कारोबार कर सकती है। हालांकि, अमेरिकी कोर्ट के फैसलों और वैश्विक हालात पर आगे की चाल निर्भर करेगी।
