पंजाब सरकार ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक कदम उठाते हुए राज्य के 25 सरकारी स्कूलों के नाम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखने की मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल की जानकारी एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि यह सिर्फ नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि छात्रों को देशभक्ति और प्रेरणा से जोड़ने का प्रयास है। इससे पहले भी, शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां के सरकारी हाई स्कूल का नाम 2023 में शहीद भगत सिंह सरकारी हाई स्कूल रखा गया था।
अब इस कड़ी में, पंजाब के 25 और स्कूलों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद सैनिकों के नाम पर रखे जा रहे हैं। बैंस ने यह भी ऐलान किया कि हाल ही में दिवंगत हुए महान धावक फौजा सिंह के सम्मान में ब्यास गांव के स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा।
इतिहास से जुड़ेगा भविष्य
मंत्री बैंस ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जिन स्कूलों के नाम शहीदों पर रखे जाएंगे, वहां उनकी तस्वीरें या पेंटिंग्स भी लगाई जाएंगी। साथ ही, स्कूलों में उनके जीवन और बलिदान की जानकारी दी जाएगी ताकि छात्र न केवल पढ़ाई में अव्वल रहें, बल्कि राष्ट्रप्रेम और संस्कारों से भी जुड़ें।
यह पहल पंजाब सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें नवजवान पीढ़ी को अपने नायकों से जोड़ना और उन्हें उनकी विरासत से परिचित करवाना एक प्राथमिकता है। यह बदलाव महज नामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण का भी माध्यम बनेगा।

