पंजाब की भगवंत मान सरकार ने माइनिंग सेक्टर में बड़ा सुधार करते हुए ट्रांसपेरेंट माइनिंग ऑक्शन सिस्टम की शुरुआत की है। बदले हुए पंजाब माइनर मिनरल रूल्स के तहत अब माइनिंग साइट्स का आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन ऑक्शन के ज़रिए किया जा रहा है। इस कदम का मकसद संसाधनों के बंटवारे में पारदर्शिता लाना और पुराने अपारदर्शी सिस्टम को खत्म करना है।
ओपन प्राइस बिडिंग से बढ़ेगा कॉम्पिटिशन
नई व्यवस्था में माइनिंग साइट्स का एलोकेशन अब ओपन प्राइस बिडिंग के आधार पर होगा। इससे पहले के सिस्टम में सीमित प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा मिल जाता था। अब हर योग्य बोलीदाता को बराबर मौका मिलेगा, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सरकार को सही कीमत मिलेगी।
पहले चरण में मिली अच्छी सफलता
सरकार की ओर से पहले चरण में कुल 29 माइनिंग साइट्स को ऑक्शन के लिए रखा गया था। इनमें से 16 साइट्स सफलतापूर्वक अवार्ड की गईं। इस प्रक्रिया से सरकार को 11.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसे राज्य के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। यह आंकड़ा दिखाता है कि नई प्रणाली न सिर्फ पारदर्शी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो रही है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरी पारदर्शिता
ऑनलाइन ऑक्शन सिस्टम के जरिए सभी बोलीदाताओं को समान अवसर मिलता है और प्राइस डिस्कवरी पूरी तरह पारदर्शी रहती है। इससे किसी तरह की मिलीभगत या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था माइनिंग सेक्टर में विश्वास बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करेगी।
राज्य के हित में बड़ा कदम
मान सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि वह प्राकृतिक संसाधनों के सही और ईमानदार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रांसपेरेंट माइनिंग ऑक्शन से न सिर्फ सरकारी राजस्व बढ़ेगा, बल्कि राज्य में ईमानदार कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
