पंजाब सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत को राज्य और देशभर में बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस विशेष अवसर पर सभी देश के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते हुए अपने कैबिनेट मंत्रियों को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सादर आमंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों की ड्यूटी तय
जानकारी के अनुसार, हरपाल सिंह चीमा और लाल चंद कटारूचक्क को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, अमन अरोड़ा और तरुणप्रीत सिंह सौंद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण देने के लिए नियुक्त किए गए हैं।
डा. बलबीर सिंह और हरदीप सिंह मुंडिया छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करेंगे, जबकि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और बरिंदर कुमार गोयल को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को सन्देश पहुँचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य राज्यों के लिए भी जिम्मेदारी तय
हरजोत सिंह बैंस और सैर-सपाटा तथा सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करेंगे। वहीं, डा. बलजीत कौर और महिंदर भगत मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए जिम्मेदार होंगे।
लालजीत सिंह भुल्लर और डा. रवजोत सिंह मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर (राष्ट्रपति शासन) और नागालैंड के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करेंगे।
गुरमीत सिंह खुड्डियां और संजीव अरोड़ा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण देने के लिए ड्यूटी पर तैनात हैं।
भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पंजाब और पूरे देश के लोगों को एकजुट करने वाला अवसर भी होगा। कार्यक्रम में सभी आमंत्रित मुख्यमंत्रियों के स्वागत और उनके सम्मान का विशेष प्रबंध किया जाएगा।
इस आयोजन के जरिए पंजाब सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि धर्म, संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता और सम्मान आज भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।
