पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को पूरे देशभर में बड़े स्तर पर मनाने जा रही है। इस मौके पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला आयोजित होगी, जिनका उद्देश्य गुरु साहिब की शहादत, धर्मनिरपेक्षता और मानव मूल्यों के संदेश को दुनिया तक पहुँचाना है।
पर्यटन विभाग में आयोजित धार्मिक पैनल की बैठक के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि यह आयोजन ‘हिंद की चादर’ के नाम से राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुरु साहिब की कुर्बानी और उनकी मानवाधिकारों की रक्षा की प्रेरणादायक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
देशभर में नगर कीर्तन
इस कार्यक्रम की शुरुआत 18 नवंबर से होगी। पहला नगर कीर्तन जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित गुरुद्वारा छठवीं पातशाही से निकलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद शामिल होंगे। इसके अलावा पंजाब के मालवा, माजा और दोआबा क्षेत्रों से भी तीन नगर कीर्तन प्रारंभ होंगे। ये सभी 22 नवंबर की शाम श्री आनंदपुर साहिब पहुँचकर संगत को एकजुट करेंगे।
दिल्ली में होगी शुरुआत
आधिकारिक रूप से समारोह की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में अरदास के साथ होगी। उसी दिन शाम को गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में कीर्तन दरबार भी आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में मुख्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उम्मीद है कि इन दिनों में देश-विदेश से एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुँचेंगे।
आनंदपुर साहिब में विशेष तैयारियाँ
संगत की सुविधा के लिए आनंदपुर साहिब में 19 से 30 नवंबर तक एक विशाल टेंट सिटी बनाई जाएगी, जहाँ रोजाना 10,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। इस दौरान अखंड पाठ साहिब, सर्वधर्म सम्मेलन, प्रदर्शनी, ड्रोन शो और विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन होगा। पंजाब विधानसभा का ऐतिहासिक सत्र भी 24 नवंबर को आनंदपुर साहिब में बुलाने की योजना है।
सांस्कृतिक और सामाजिक पहल
गुरु साहिब के जीवन और शहादत को दर्शाने के लिए आधुनिक ड्रोन शो और पंजाब पलेट शो आयोजित होंगे। कीरतपुर साहिब से विशेष नगर कीर्तन भी निकलेगा। समारोह का समापन ‘सर्बत के भले’ की अरदास और रक्तदान शिविरों के साथ होगा। इसके अलावा राज्यभर में 3.50 लाख पौधे लगाने की मुहिम और अंगदान प्रतिज्ञा अभियान भी चलाया जाएगा।
लाइट एंड साउंड शो
1 से 18 नवंबर तक पंजाब के सभी 23 जिलों में गुरु तेग बहादर साहिब और उनके साथियों—भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी—के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो होंगे। साथ ही, 130 पवित्र स्थलों पर कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री का संदेश
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इन कार्यक्रमों का असली मकसद गुरु तेग बहादर साहिब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानव मूल्यों के लिए अपनी जान न्यौछावर की और आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाया कि दूसरों की आस्था का सम्मान करना ही असली मानवता है।
इन आयोजनों के ज़रिए पंजाब सरकार न केवल गुरु साहिब की अद्वितीय कुर्बानी को याद करेगी, बल्कि समाज में भाईचारे, सहिष्णुता और मानव अधिकारों की रक्षा के संदेश को भी मज़बूती से आगे बढ़ाएगी।
