पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गदर आंदोलन के महानायक शहीद सरदार करतार सिंह सराभा और छह अन्य वीर क्रांतिकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनका बलिदान भारतीय इतिहास का अमिट अध्याय है। उनकी वीरता, देशभक्ति और त्याग हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
गदर आंदोलन के नायक सराभा की याद
भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि शहीद करतार सिंह सराभा जी सहित सात गदर योद्धाओं की शहादत को “कोटि-कोटि नमन”। उन्होंने कहा कि ये सभी योद्धा उस दौर में ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने वाले ऐसे क्रांतिकारी थे, जिन्होंने देश को आज़ाद देखने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा स्वीकार किया।
कहते हैं कि करतार सिंह सराभा मात्र 19 साल की उम्र में शहीद हो गए थे, लेकिन इतनी कम उम्र में भी उन्होंने जिस तरह विदेशी शासन के खिलाफ आवाज़ उठाई, वह युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। सराभा ने गदर पार्टी के जरिए विदेशों में रह रहे भारतीयों को आज़ादी की लड़ाई से जोड़ने का काम किया।
शहीदों के बलिदान को याद करने का संकल्प
सीएम मान ने कहा कि राष्ट्र इन वीरों का ऋणी है। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज भारत स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में खड़ा है। उन्होंने इस अवसर पर लोगों से भी अपील की कि ऐसे महान क्रांतिकारियों की गाथाओं को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाया जाए ताकि उनमें राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गदर आंदोलन के इन योद्धाओं ने केवल स्वतंत्रता की लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि भारत में समानता, न्याय और आजादी के मूल्यों को स्थापित करने का सपना भी देखा। आज उनके बलिदान को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेना भी है।
