पंजाब में जल संरक्षण और भूजल बचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीचेवाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बताया कि राज्य सरकार की सिंचाई परियोजनाओं की बदौलत किसानों को नहरों का पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध कराया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
21 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा किसानों के खेतों तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नहरों के जरिए करीब 21,000 क्यूसेक पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने का काम किया है। इससे किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम हुई है और सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग बढ़ा है। सरकार का दावा है कि इस पहल से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।
57 निगरानी कुओं में दिखा सकारात्मक बदलाव
राज्यभर में भूजल की स्थिति पर नजर रखने के लिए बनाए गए 57 निगरानी कुओं के आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिला है। इन कुओं में भूजल स्तर 2 से 4 मीटर तक बढ़ा है। जल विशेषज्ञ इसे पंजाब के लिए उत्साहजनक संकेत मान रहे हैं, क्योंकि लंबे समय से राज्य के कई हिस्सों में भूजल स्तर गिरने की समस्या बनी हुई थी।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों की सराहना
सीचेवाल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संत सीचेवाल ने एक समय बंजर माने जाने वाले इलाके को हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का उदाहरण बना दिया है। उनके प्रयासों से यह संदेश मिला है कि सामूहिक भागीदारी और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।
पर्यावरण और जल संरक्षण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, नदियों की सफाई और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार ने संकेत दिए कि आने वाले समय में नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने तथा भूजल बचाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जाएगा।
