पंजाब में जीएसटी विभाग के मोबाइल विंग ने मंडी गोबिंदगढ़ स्थित दो बड़ी कंपनियों—भवानी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और भवानी कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड—पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई डाइरेक्टर इनफोर्समेंट पंजाब, जसकरण सिंह ब्राड़ के निर्देश पर की गई।
छापेमारी के दौरान राज्य टैक्स अधिकारी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कंपनियों के दफ्तरों और इमारत से ढेरों अहम दस्तावेज़ जब्त किए। इनमें ढीली पर्चियां, बिक्री-खरीद रजिस्टर, खाता किताबें और बड़ी संख्या में रसीदें व अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों को अब विभाग की टीम गहराई से खंगालेगी, ताकि असली टैक्स डाटा सामने आ सके।
सूत्रों के अनुसार, इन दोनों कंपनियों पर टैक्स चोरी का शक जताया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले थे जिनसे लग रहा था कि कंपनियों ने अपनी वास्तविक बिक्री और आय को पूरी तरह दर्ज नहीं किया है। इसी शक को पुख्ता करने के लिए विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की।
जीएसਟੀ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में टैक्स चोरी साबित होती है, तो बकाया टैक्स वसूलने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। नियमों के मुताबिक, टैक्स चोरी की स्थिति में संबंधित कंपनी को न केवल टैक्स चुकाना पड़ता है बल्कि कई गुना पेनाल्टी भी देनी होती है।
इस छापेमारी ने इलाके की अन्य कंपनियों और कारोबारियों में भी हलचल मचा दी है। मंडी गोबिंदगढ़, जो कि स्टील और इंडस्ट्री के लिए मशहूर है, वहां कई बड़ी फैक्ट्रियां और फर्में काम कर रही हैं। अब जब इतनी बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, तो बाकी कारोबारी भी सतर्क हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकार को टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलती है और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होती है। साथ ही यह संदेश भी जाता है कि टैक्स चोरी करने वालों पर सख्त नज़र रखी जा रही है।
