पंजाब सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 27 एसोसिएट प्रोफेसरों और प्रोफेसरों को कॉलेज कैडर में प्रिंसिपल पद पर पदोन्नत किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा संस्थानों में प्रबंधन और गुणवत्ता सुधार को गति मिलेगी।
सभी प्रमोशनल कोटे की सीटें भरी गईं
शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में हुई डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक में इन पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई। इस प्रक्रिया के बाद प्रमोशनल कोटे की सभी सीटें भर चुकी हैं। इनमें से 13 फैकल्टी सदस्यों को तुरंत प्रभाव से प्रिंसिपल बनाया गया है, जबकि शेष 14 प्रोफेसरों को दिसंबर 2025 तक, सीटों की उपलब्धता के अनुसार, पदोन्नति दी जाएगी।
सीधे कोटे की भर्तियां भी होंगी जल्द
हरजोत सिंह बैंस ने यह भी कहा कि प्रिंसिपल के सीधे कोटे से खाली पड़े पद भी जल्द ही भरे जाएंगे। उन्होंने आशा जताई कि इस कदम से कॉलेजों में नेतृत्व की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।
मंत्री ने दी बधाई और जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
नवनियुक्त प्रिंसिपलों को बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री ने उनसे अपील की कि वे अपनी नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पदोन्नतियों से विभाग में सकारात्मक बदलाव आएगा और उच्च शिक्षा प्रणाली में उत्कृष्टता स्थापित होगी।
शिक्षा सचिव ने भी दी शुभकामनाएँ
प्रशासनिक सचिव, उच्च शिक्षा, अनिंदिता मित्रा ने भी पदोन्नति प्राप्त फैकल्टी को बधाई दी और उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नए प्रिंसिपल 10 दिनों के भीतर अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट डायरेक्टर, उच्च शिक्षा पंजाब को सौंपें।
नियमों का पालन जरूरी, वरना पदोन्नति होगी रद्द
अनिंदिता मित्रा ने स्पष्ट किया कि अगर कोई प्रोफेसर समय सीमा में रिपोर्ट जमा नहीं करता, तो उसकी पदोन्नति रद्द मानी जाएगी और वह अगले दो साल तक पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होगा। इसके साथ ही सभी नव-नियुक्त प्रिंसिपलों को एक साल की प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी, जिसके दौरान उनकी कार्यकुशलता की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
पंजाब सरकार का मानना है कि इन पदोन्नतियों से कॉलेजों में प्रबंधन क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा। शिक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि नए प्रिंसिपल अपने नेतृत्व से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम करेंगे और राज्य की शिक्षा प्रणाली को नए आयाम देंगे।
