पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान विपक्ष के वॉकआउट को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन से बाहर जाने का रास्ता चुना। उनके अनुसार विधानसभा जनता के हित से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का मंच है और सभी दलों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस से बचने के लिए गैर-जरूरी विषयों को आधार बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय सरकारी नौकरियों को लेकर कई सवाल उठते रहे, जबकि वर्तमान सरकार पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदन में बहस की दी सलाह
वित्त मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष के पास सरकार से जुड़े सवाल हैं तो उन्हें विधानसभा के भीतर उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चर्चा और बहस सबसे मजबूत माध्यम है। उनके अनुसार सदन में मौजूद रहकर शिक्षा, रोजगार, विकास और अन्य जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक सुझाव देना विपक्ष की भी जिम्मेदारी है। सरकार हर विषय पर जवाब देने और सार्थक चर्चा के लिए तैयार है।
