बरसात और बाढ़ के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी खतरे तेजी से बढ़ जाते हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग होशियारपुर ने लोगों की सुरक्षा के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार शगोत्रा ने कहा कि बाढ़ के दौरान पानी से जुड़ी बीमारियाँ जैसे दस्त, टायफॉइड, पीलिया (हैपेटाइटिस-ए और ई), हैजा, त्वचा रोग और साँप काटने के मामले आम हो सकते हैं। ऐसे हालात में लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
स्वच्छ पानी और साफ-सफाई पर जोर
डॉ. शगोत्रा ने लोगों को सलाह दी है कि वे हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया पानी ही पिएँ। भोजन को ढककर रखें और हाथों को समय-समय पर साबुन और साफ पानी से धोएँ—खासतौर पर खाना बनाने या खाने से पहले, शौचालय इस्तेमाल करने के बाद और किसी बाहरी काम के उपरांत।
लक्षण दिखते ही कराएँ इलाज
उन्होंने बताया कि बुखार, दस्त या उल्टी जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या मेडिकल कैंप से संपर्क करें। बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
संक्रमण पर तुरंत सूचना दें
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीप सिंह ने कहा कि यदि किसी जगह पर एक ही संक्रमण से तीन से ज्यादा लोग प्रभावित हों, तो इसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने सुझाव दिया कि त्वचा रोगों से बचने के लिए रबर के बूट और पूरी बांहों वाले कपड़े पहनें और साँप काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुँचें।
मच्छरों की रोकथाम और कंट्रोल रूम
लोगों को सलाह दी गई है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों की पैदावार को रोका जा सके। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है जहाँ किसी भी समय मदद ली जा सकती है।
