पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर सरकार की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों के दौरान नशा तस्करी के खिलाफ पहले की तुलना में अधिक प्रभावी कार्रवाई की गई है। मंत्री के अनुसार, इस दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई, जिससे नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार हुआ है।
हेरोइन बरामदगी के आंकड़े बताए
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अकाली-भाजपा सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में 2,817 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 2,412 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। उन्होंने दावा किया कि मान सरकार के चार वर्षों में अब तक 6,608 किलोग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है। मंत्री ने इसका श्रेय सरकार की सख्त कार्रवाई और सीमा क्षेत्रों में लगाए गए एंटी-ड्रोन सिस्टम को दिया।
नशा रोकने के साथ जागरूकता पर भी जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की जा रही, बल्कि नशे की रोकथाम और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 3,500 शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों के लिए माइंडफुलनेस क्लास शुरू की गई हैं, ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत बन सकें और नशे से दूर रहें।
अस्पतालों में नई सुविधाएं शुरू
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य के 12 सरकारी अस्पतालों में लिक्विड मेथाडोन क्लिनिक शुरू किए गए हैं, जहां नशे की लत से जूझ रहे लोगों का वैज्ञानिक तरीके से इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों में नए मरीजों की संख्या में आई कमी इस बात का संकेत है कि राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है और अधिक युवा नशे से दूर रहने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
