पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh ने न्यायिक निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की सबसे बड़ी शर्त निष्पक्षता होती है और इसके बिना लोगों का भरोसा कमजोर पड़ता है।
निष्पक्षता पर सवाल
मंत्री ने कहा कि जब किसी मामले की सुनवाई ऐसी अदालत में हो, जहां जज के कुछ संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हों, केस सरकार द्वारा दर्ज कराया गया हो और सरकारी वकील भी उसी सिस्टम से जुड़े हों, तो निष्पक्षता पर संदेह होना स्वाभाविक है।
केजरीवाल के फैसले का समर्थन
उन्होंने Arvind Kejriwal के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे माहौल में उनका अदालत में पेश न होना एक सिद्धांत आधारित निर्णय है। यह उनके विश्वास और विचारधारा को दर्शाता है।
सत्याग्रह का रास्ता
मंत्री ने कहा कि केजरीवाल ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग को अपनाया है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध के जरिए अपनी बात रखने का रास्ता चुना है, जो लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है।
केजरीवाल का पक्ष
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि गांधीवादी सिद्धांत ‘सत्याग्रह’ को अपनाते हुए वह इस केस में उनके कोर्ट में आगे पेश नहीं होंगे।
अदालत में पेश न होने का कारण
केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि कोर्ट में चल रही सुनवाई उस बुनियादी सिद्धांत को पूरा नहीं करती, जिसमें न्याय का दिखना भी उतना ही जरूरी है जितना उसका होना।
